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Jio IPO Launch | Reliance Jio Public Issue Gets SEBI Approval


मुंबई29 मिनट पहले

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड देश का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस इश्यू को नवरात्र या दिवाली के आसपास लॉन्च करने का प्लान बना रही है।

कंपनी इस इश्यू से लगभग ₹37,800 जुटाएगी। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। नवरात्र-दिवाली यानी त्योहारी सीजन के दौरान मार्केट में निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव रहता है।

इस बार नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर यानी दशहरा तक चलेगा। माना जा रहा है कि कंपनी अगले हफ्ते से ही इंटरनेशनल रोडशोज की शुरुआत कर सकती है।

वहीं 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली है। अगर नवरात्र विंडो मिस होती है, तो कंपनी दिवाली पर इश्यू लॉन्च कर सकती है।

5 हफ्तों तक इंटरनेशनल-डोमेस्टिक रोडशोज करेगी

जियो प्लेटफॉर्म्स अगले 1-2 हफ्तों के भीतर आईपीओ की तारीखों को फाइनल कर सकती है। इसके बाद कंपनी विदेशी निवेशकों के लिए 3 हफ्तों का इंटरनेशनल रोडशो करेगी।

विदेशी दौरों के बाद कंपनी भारत में डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और रिटेल निवेशकों के साथ 2 हफ्तों तक मीटिंग्स और प्रेजेंटेशन आयोजित करेगी।

कंपनी इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी

अगर यह आईपीओ तय ₹37,800 करोड़ के साइज पर लॉन्च होता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह कंपनी की पोस्ट-इश्यू शेयर कैपिटल का करीब 2.9% हिस्सा होगा।

₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा

आईपीओ से जुटाए जाने वाले फंड का बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) का कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा। कंपनी करीब ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल लोन चुकाने/प्रीपेमेंट में करेगी।

इश्यू की बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स यह पैसा RJIL को इक्विटी, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर्स या लोन के जरिए ट्रांसफर करेगी।

ग्लोबल टेक दिग्गजों के पास 30.9% की हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में दुनिया के कई बड़े दिग्गज निवेशकों का पैसा लगा हुआ है। वर्तमान में बड़े विदेशी निवेशकों के पास कंपनी की कुल 30.9% हिस्सेदारी है। कंपनी में जादू होल्डिंग्स (मेटा/फेसबुक) की 9.98% और गूगल इंटरनेशनल की 7.73% हिस्सेदारी है।

वहीं अन्य निवेशकों में सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF), सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर (KKR) और आबू धाबी इन्वेस्टमेन्ट अथॉरिटी (ADIA) से जुड़े फंड्स शामिल हैं।

जून में भरा था DRHP, अगस्त में मिली SEBI की मंजूरी

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने इस मेगा आईपीओ के लिए इस साल जून में मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) जमा कराए थे। इसके बाद 28 अगस्त को SEBI ने इस पब्लिक इश्यू को मंजूरी दे दी थी।

क्या होता है DRHP और रोडशो?

  • ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP: यह एक शुरुआती दस्तावेज होता है, जिसे कंपनी IPO लाने से पहले SEBI के पास जमा करती है। इसमें कंपनी अपने बिजनेस, प्रमोटर्स, फाइनेंशियल्स और आईपीओ लाने की वजहों का पूरा ब्योरा देती है।
  • रोडशोज: यह आईपीओ से ठीक पहले कंपनी के टॉप मैनेजमेंट की बड़े इंस्टीट्यूशनल और विदेशी निवेशकों (जैसे म्यूचुअल फंड्स, मर्चेंट बैंकर) से मुलाकात करने की प्रोसेस होती है। इसमें कंपनी अपने फ्यूचर ग्रोथ प्लान बताकर निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए आकर्षित करती है।

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