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पूर्णिया पुलिस ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से एक शातिर को रंगेहाथ पकड़ा है। यह शातिर दूसरे के खाते से फर्जी पासबुक के जरिए पैसे निकालने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बैंक खाते से छेड़छाड़ कर एक फर्जी पासबुक तैयार की थी। इसी पासबुक का इस्तेमाल कर वह गलत तरीके से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे पकड़ लिया गया। पकड़े गए शातिर का संबंध कोढ़ा गैंग से बताया जा रहा है। यह गैंग वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहता है। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इसके लिए कोढ़ा थाना से संपर्क साधा जा रहा है। पूर्णिया सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि 1 सितंबर को के हाट थाना अंतर्गत एसबीआई की मुख्य शाखा में धोखाधड़ी का प्रयास किया जा रहा था। कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र स्थित हवाई अड्डा, बजरंगबली मंदिर के पास रहने वाले राजेश कुमार सहनी चूनापुर एरोड्रम पूर्णिया निवासी शिवाशीष कुमार मिश्रा के बैंक खाते से पैसे निकालने की फिराक में था।
अपनी तस्वीर के साथ एडिटेड पासबुक लेकर पहुंचा था शातिर
एसडीपीओ में बताया कि अभियुक्त ने मूल खाताधारक के अकाउंट नंबर का इस्तेमाल कर अपनी तस्वीर और फर्जी विवरण जोड़कर एक एडिटेड पासबुक तैयार कराई थी। पैसे निकासी के लिए पहुंचे शातिर के पासबुक और अकाउंट से जुड़े विवरण पर बैंक के कर्मी को शक हुआ। एडिटेड पासबुक लिए अभियुक्त को शाखा प्रबंधक ने भांप लिया और मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
एसएसपी क्यूआरटी और पुलिस ने की कार्यवाही
इधर फर्जीवाड़े की सूचना मिलते ही के हाट थाना पुलिस और एसएसपी क्यूआरटी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को बैंक परिसर से ही डुप्लीकेट पासबुक और फॉर्म के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से डुप्लीकेट पासबुक का फॉर्म तथा डुप्लीकेट एडिटेड पासबुक जब्त की है।
सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि एसबीआई मुख्य शाखा के मैनेजर के लिखित आवेदन के आधार पर के हाट थाना कांड संख्या 387/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 62 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर ने बताया कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के पास मूल खाताधारक के बैंक खाते और गोपनीय हस्ताक्षरों की जानकारी कहां से पहुंची। उन्होंने रेखांकित किया कि कोढ़ा क्षेत्र के अपराधी पूर्व में छिनतई जैसी वारदातों के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वे बैंक पासबुक एडिटिंग, फर्जीवाड़ा और एटीएम फ्रॉड जैसे संगठित वित्तीय अपराधों में लिप्त हो रहे हैं।
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