बिहार में बाढ़, 20 लाख आबादी पानी में:मुंगेर-खगड़िया में 2 लाख लोग खा रहे सिर्फ सत्तू-चूड़ा; भागलपुर में शादी का सामान गंगा में बहा
गर्मी, धूप या बरसात, हमारा पूरा परिवार पॉलिथिन के नीचे ही जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। बारिश में शरीर भीग जाता है, फिर खुद के सूखने का इंतजार करते हैं। शाम होते ही ऐसा लगता है कि मच्छर शरीर नोंच खाएगा। खाने में सिर्फ चूड़ा-मिठ्ठा और सत्तू है। प्रशासन एक बार भी देखने नहीं आया।…
