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जमुई में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई घटना पर जिला विधिज्ञ संघ ने सख्त फैसला लिया है। संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह और महासचिव अमित कुमार ने कहा कि वे इस मामले में आरोपितों की पैरवी नहीं करेंगे। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए इसे समाज के लिए चिंताजनक बताया। जरूरी सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग दोनों पदाधिकारियों ने इसे अपना नैतिक फैसला बताया और संघ के दूसरे वकीलों से भी मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसा ही निर्णय लेने की अपील की। अध्यक्ष और महासचिव ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना समाज और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन से मामले में सही कार्रवाई करने, निष्पक्ष जांच करने और सभी जरूरी सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है। कानूनी मदद देने की भी मांग पदाधिकारियों ने यह भी साफ किया कि किसी भी आरोपित का दोष अदालत के फैसले से ही तय होता है। कानून के तहत सभी पक्षों के कानूनी अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि संघ का यह फैसला नैतिक आधार पर है कि वे आरोपितों की पैरवी नहीं करेंगे। जिला विधिज्ञ संघ ने मामले में स्पीडी ट्रायल (तेज सुनवाई) से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही पीड़िता को जरूरी सुरक्षा और कानूनी मदद देने की भी मांग की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि न्याय मिलने में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि पीड़िता और उसके परिवार को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। संघ ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत हर संभव मदद की जाएगी।
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जमुई विधिज्ञ संघ नहीं करेगा आरोपितों की पैरवी:अध्यक्ष-महासचिव बोले- निष्पक्ष जांच हो और स्पीडी ट्रायल से जल्द मिले न्याय
