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मुजफ्फरपुर में 20 अगस्त को तोड़फोड़ मामले में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू की गिरफ्तारी के लिए वारंट अर्जी दाखिल करने में देरी हो रही है। पुलिस के अनुसार, यह देरी केस डायरी पूरी न होने के कारण हुई है। झपहां उदनडीह में हुई इस घटना में 50 से अधिक उपद्रवियों ने जेसीबी, स्कॉर्पियो और बाइक का इस्तेमाल कर एक घर और चहारदीवारी को ध्वस्त कर दिया था। यह मामला काफी हाई-प्रोफाइल बन गया है। घटना के तीन दिन बाद भी विधायक की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट में वारंट की अर्जी दाखिल नहीं की जा सकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्र ने पहले वारंट अर्जी दाखिल करने का दावा किया था, लेकिन उनके दावे के तीन दिन बाद भी अदालत में कोई ठोस कागजी कार्रवाई नहीं हुई है। मामले के जांच अधिकारी (आईओ) और अहियापुर थानाध्यक्ष जसीम अंसारी ने बताया कि केस डायरी अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। जैसे ही केस डायरी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा, बिना किसी विलंब के अदालत में वारंट के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिया जाएगा। मामला अहियापुर थाना क्षेत्र का है। वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों में अंतर
विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ वारंट की कार्रवाई को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। मंगलवार को आयोजित एक पीसी में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बुधवार को हर हाल में विधायक के खिलाफ वारंट की अर्जी कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी। इसके बाद, सिटी एसपी मोहम्मद हिबुल्लाह अंसारी ने दावा किया था कि गुरुवार को कोर्ट में वारंट के लिए अर्जी दी जाएगी। हालांकि, दोनों अधिकारियों के दावों के विपरीत गुरुवार को भी अदालत में कोई अर्जी दाखिल नहीं की जा सकी। अधिकारियों के इस रवैये के बाद अब सबकी नजरें केस डायरी के पूरा होने पर टिकी हैं। विधायक पर दर्ज हैं 8 एफआईआर, सबूत जुटा रही पुलिस पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ अब तक कुल आठ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस अधिकारी वारंट की अर्जी दाखिल करने से पहले केस डायरी को मजबूत बनाने में जुटे हैं। केस डायरी में घटना स्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पीड़ित पक्ष के गंभीर आरोपों और इस पूरी साजिश में नामजद और अज्ञात आरोपितों की सटीक भूमिका का विस्तृत विवरण शामिल किया जा रहा है। आईओ ने दोहराया कि साक्ष्यों का यह संकलन पूरा होते ही अदालत से आधिकारिक तौर पर वारंट निर्गत करने की मांग की जाएगी। हमलावरों ने विधायक का नाम लिया था पीड़ित अमित कुमार ने अहियापुर थाने में दर्ज कराई गई मुख्य एफआईआर के मुताबिक, 20 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे 50 से अधिक हथियारबंद और बेखौफ लोग जेसीबी, स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर उनके झपहां उदनडीह स्थित आवास पर पहुंचे। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही जेसीबी चालकों को घर और घेराबंदी की चहारदीवारी को तुरंत ध्वस्त करने का फरमान सुना दिया।
जब पीड़ित परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया और जबरन घर तोड़ने का कारण और उनका परिचय पूछा, तो हमलावरों ने रंगदारी दिखाते हुए कहा कि अब इस पूरी जमीन के असली मालिक विधायक जी हैं।
एफआईआर के अनुसार, जब अमित ने विधायक का नाम पूछा तो आरोपियों ने अमित कुमार रानू और सोनू सिंह का नाम लिया और उनसे ही बात करने की धमकी दी। पुलिस फिलहाल घटना में शामिल अन्य नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में दर्ज हैं मामले जमीन विवाद में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई कुल 25 मामलों में से 8 में नामजद आरोपी हैं, जो मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में दर्ज हैं। सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाने में भी विधायक के खिलाफ पहले से एक गंभीर मामला दर्ज है। इन मामलों में से एक घटना 20 अगस्त को मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके के झपहां में हुई थी।
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विधायक की गिरफ्तारी के वारंट में देरी:केस डायरी अब तक अधूरी, कोर्ट नहीं पहुंची अर्जी; 50 से ज्यादा लोगों ने की थी तोड़फोड़
