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कंगना रनोट के बयान पर भड़के राम देव:बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं; एक्ट्रेस ने कहा था- मेरी जवानी के बारे में सपने मत देखो




बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर शुरू हुआ विवाद अब फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने पलटवार करते हुए कहा था, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए।” अब कंगना के इस पलटवार पर रामदेव ने जवाब दिया है। रविवार को हरिद्वार में रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा, “स्वामी रामदेव क्या है, ये देश जानता है। रामदेव का योगदान क्या है, ये भी देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता।” दरअसल, रामदेव ने कंगना के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर कहा था कि जेन-Z को गटर-पटर कहना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। उन्होंने कंगना की योग्यता, बचपन, जवानी और पुराने कारनामों को लेकर भी टिप्पणी की थी। इसके बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव पर पलटवार किया था। अब समझिए आखिर ये पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ.. दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, “सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं ‘जनरेशन गटर’ कहती हूं।” Gen-Z पर दिए बयान पर भड़के रामदेव कंगना के इस पोस्ट के बाद ही बाबा रामदेव की इस पूरे विवाद में एंट्री हुई। दरअसल एक हिंदी न्यूज चैनल के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” जब सवाल पूछा गया था कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। बाबा के पलटवार के बाद चुन नहीं बैठी कंगना बाबा रामदेव कंगना को बिगड़े दिमाग की निशानी कहा तो कंगना भड़क गईं फिर उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” अब रामदेव ने कंगना के इसी बयान का जवाब देते हुए कहा है कि देश जनता है कि रामदेव बाबा का देश के लिए क्या योगदान रहा। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन-अमेरिका से आगे पतंजलि का हर्बल आर्ट म्यूजियम:65 हजार वनस्पति कलाकृतियां संरक्षित, 300 साल तक सुरक्षित रखने का दावा पतंजलि अनुसंधान फाउंडेशन में तैयार हुआ हर्बल आर्ट म्यूजियम भारत की आयुर्वेदिक और वनस्पति विरासत को दुनिया के सामने नई पहचान दे रहा है। यहां 65 हजार से ज्यादा वनस्पति कलाकृतियां एक ही छत के नीचे संरक्षित हैं। (पढ़ें पूरी खबर)



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