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विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाली मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को गटर जनरेशन और गटरछाप वाले बयान पर सफाई देनी पड़ी है। यह पहला मौका नहीं, जब कंगना को सार्वजनिक तौर पर माफी या फिर सफाई देनी पड़ी हो। सांसद किसान आंदोलन, जावेद अख्तर से कानूनी विवाद और महिंदर कौर मामले में खेद जता चुकी है। भाजपा भी स्पष्ट कर चुकी है कि कंगना पार्टी की नीतिगत बातों पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। फिर भी कंगना समय-समय पर विवादित बयान देती रही हैं। इस बार भी जंतर मंतर आंदोलन पर कंगना ने युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की। इसके बाद सोशल मीडिया में कंगना की जबरदस्त ट्रोलिंग हुई। अब विपक्षी पार्टियां लगातार कंगना को घेर रही है और युवाओं व महिलाओं का अपमान करने के आरोप लगा रही है। गटरछाप वाले बयान पर कंगना ने क्या कहा कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही जुटे थे, जबकि देश में युवाओं की आबादी 30 से 35 करोड़ हैं। ऐसे में पूरे Gen Z को उस प्रदर्शन से जोड़ना सही नहीं है। जंतर-मंतर में हर उम्र के लोग घूम रहे थे। आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। ऐसे में किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है। सांसद की चुनौती- ‘मेरा ऐसा कोई बयान दिखाइए’ कंगना ने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी पूरी पीढ़ी को लेकर टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कांग्रेस और आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि उनका ऐसा कोई ‘स्पेसिफिक कोट’ दिखाया जाए, जिसमें उन्होंने पूरी पीढ़ी को शामिल किया हो।
राहुल गांधी को भी लपेटा कंगना ने कहा कि वह युवाओं के खिलाफ नहीं हो सकतीं, क्योंकि वह खुद युवा हैं। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उम्र को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी की तरह 55-60 साल की उम्र में खुद को युवा नहीं कहतीं। क्या है पूरा विवाद जेनरेशन गटर कहने पर हुआ था विवाद दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने महिलाओं के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए युवाओं को ‘गटरछाप’ कहा था। कंगना ने लिखा था कि सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं। उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियां नहीं निभाना चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा था कि वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं। महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, ‘गटर छाप’।’
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BJP सांसद कंगना रनोट के 5 विवादित बयान:सार्वजनिक माफी और सफाई देनी पड़ी, अब 'गटरछाप' वाले बयान पर दिया स्पष्टीकरण
