पटना10 मिनट पहले
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पटना में आज BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। पटना के बापू सभागार में दोपहर 12:30 बजे से मुख्य समारोह आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। समारोह में BPSC के चेयरमैन परमार रवि मनुभाई समेत आयोग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
2035 पदों के लिए 2027 अभ्यर्थी हुए चयनित
बिहार लोक सेवा आयोग ने 20 जून को 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी किया था। परीक्षा के जरिए कुल 2035 पदों पर भर्ती होनी थी, जिसमें 2027 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। वहीं, 8 पद खाली रह गए। इन पदों पर दिव्यांग अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण नियुक्ति नहीं हो सकी।
फाइनल रिजल्ट में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने 593 अंक हासिल कर टॉप किया। शशांक गौरव और आयुष विजॉय क्रम के अनुसार दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दोनों को 592-592 अंक मिले थे। निबंध के अंकों के आधार पर दोनों की रैंक तय की गई।
टॉप-100 में 45 महिलाएं, करीब 745 का चयन
BPSC 70वीं के रिजल्ट में महिलाओं का भी शानदार प्रदर्शन रहा। टॉप-100 में 45 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। वहीं कुल चयनित 2027 अभ्यर्थियों में करीब 745 महिलाएं हैं।
चयनित अभ्यर्थियों में 333 दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। वहीं अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 528 अंक और एससी वर्ग की कटऑफ 493 अंक रही।
PT के करीब 18 महीने बाद आया फाइनल रिजल्ट
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट PT परीक्षा के करीब 18 महीने बाद जारी किया गया था। रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से इंतजार था। 20 जून को आयोग ने अंतिम परिणाम जारी कर चयनित अभ्यर्थियों की सूची घोषित की थी।
कौन हैं BPSC टॉपर श्रद्धा पांडेय?
BPSC 70वीं की टॉपर श्रद्धा पांडेय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली हैं। साधारण परिवार से आने वाली श्रद्धा ने अपनी मेहनत के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। BPSC से पहले भी वह UPPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर चुकी हैं।
पहले ही प्रयास में UPPSC किया था क्वालीफाई
श्रद्धा पांडेय ने UPPSC संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 में EWS कैटेगरी से 153वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) के पद पर हुआ था।
श्रद्धा ने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। उन्होंने 2021 में इतिहास और इंग्लिश लिटरेचर विषयों के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह सिविल सेवा की तैयारी पर फोकस किया।
अब BPSC में 593 अंक के साथ बनीं टॉपर
UPPSC में सफलता के बाद श्रद्धा ने BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 593 अंक हासिल कर पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। मेरिट और सेवा आवंटन के आधार पर उन्हें SDM पद मिलने की संभावना है।
अब जानिए परीक्षा में विवाद क्या रहे?
1. छह बार बदले पद, 3 बार बदली परीक्षा की तारीख
BPSC 70वीं की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पदों की संख्या कई बार बढ़ाई गई। 18 सितंबर 2024 को 1,929 पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया था। इसके बाद 23 सितंबर को 1,957 पदों का विज्ञापन जारी हुआ। बाद में पदों की संख्या बढ़ाकर 1,964, फिर 2,031 और अंत में 2,035 कर दी गई।
परीक्षा की संभावित तिथि भी कई बार बदली गई। पहले 30 सितंबर 2024, फिर 17 नवंबर और 13-14 दिसंबर की तारीख तय की गई। अंत में आयोग ने 13 दिसंबर को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया।
2. नॉर्मलाइजेशन पर बवाल, छात्रों पर किया गया था लाठीचार्ज
परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन को लेकर छात्रों का विरोध शुरू हो गया था। पिछले साल 6 दिसंबर को हजारों अभ्यर्थी BPSC कार्यालय के बाहर जुटे और करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया था।
पुलिस के समझाने के बावजूद छात्र नहीं हटे तो लाठीचार्ज किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र घायल हुए थे। एक छात्र का सिर फट गया था, जबकि दूसरे का पैर टूट गया था। छात्र नेता दिलीप को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसी दौरान खान सर और गुरु रहमान भी छात्रों के समर्थन में मुसल्लहपुर हाट से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ गर्दनीबाग पहुंचे थे। दोनों शिक्षकों ने छात्रों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक हिरासत में रखा। देर रात तबीयत बिगड़ने पर खान सर को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
3 . 13 दिसंबर की परीक्षा और बापू परीक्षा परिसर का विवाद
13 दिसंबर को बिहार के 912 परीक्षा केंद्रों पर BPSC 70वीं PT परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामला बढ़ने के बाद आयोग ने केवल बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द कर दी।
हालांकि छात्र इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि यदि गड़बड़ी हुई है तो सिर्फ एक केंद्र की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया था।
दो महीने तक गर्दनीबाग में चला था धरना
बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे। छात्रों की मांग थी कि सभी 912 केंद्रों की परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराया जाए। यह आंदोलन करीब दो महीने तक चलता रहा, लेकिन आयोग अपने फैसले पर कायम रहा था।
आंदोलन को मिला था प्रशांत किशोर का समर्थन
छात्रों की मांगों के समर्थन में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में उतर गए थे। उन्होंने री-एग्जाम की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया था। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा था।
गुरु रहमान ने खून से लिखा था पत्र
री-एग्जाम की मांग को लेकर शिक्षक गुरु रहमान ने अपने खून से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और BPSC अध्यक्ष को पत्र लिखा था। उन्होंने दावा किया था कि परीक्षा दोबारा कराने के लिए उन्होंने अपने हाथ की नस काटकर यह पत्र लिखा था।
राहुल गांधी भी पहुंचे थे गर्दनीबाग
18 जनवरी 2025 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने गर्दनीबाग पहुंचे थे। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं।
विरोध के बीच जारी रही आयोग की प्रक्रिया
छात्रों के प्रदर्शन और री-एग्जाम की मांग के बावजूद आयोग ने अपनी चयन प्रक्रिया जारी रखी। 24 जनवरी 2025 को PT परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें 21,581 अभ्यर्थी सफल हुए थे।
इसके बाद 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक पटना के 32 केंद्रों पर मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
मुख्य परीक्षा का रिजल्ट 16 दिसंबर को जारी हुआ, जिसमें 5,401 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किए गए थे। अब इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है।

