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बक्सर जिले के डुमरांव में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के राज्यव्यापी आह्वान पर 24 घंटे का सामूहिक अनशन-सत्याग्रह शुरू किया गया। यह अनशन डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सामने आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महादलित, भूमिहीन गरीब महिलाएं, पुरुष, छात्र और युवा शामिल हुए। आंदोलन का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव नवीन कुमार, प्रखंड सचिव धर्मेंद्र सिंह, ललन राम, कन्हैया पासवान और अलख नारायण चौधरी ने किया। सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को, जो वर्षों से जिस जमीन पर बसे हैं, उन्हें अब तक बासगीत का पर्चा नहीं मिला है। उन्होंने इसे सरकार और प्रशासन की बड़ी विफलता बताया। जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग की
नवीन कुमार ने सरकार से गरीब भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बलहा और तेतरी गांव में वर्षों से बसे मुसहर और महादलित परिवारों को पीपीएच एक्ट 1947 के तहत जमीन का पर्चा देने की भी मांग उठाई। साथ ही, उन्होंने अंचल प्रशासन पर बलहा में बेदखल जोत जमीन के पर्चाधारियों को न्यायालय के आदेश के बावजूद जमीन पर दखल नहीं दिलाने का आरोप लगाया। बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग भी की
आंदोलनकारियों ने ग्रामीण रोजगार की गारंटी, उचित मजदूरी, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और सम्मान के लिए कानून बनाने, सभी गरीबों का नाम राशन सूची में जोड़कर कार्ड देने तथा सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गरीबों से पानी, सफाई और होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने, माइक्रोफाइनेंस और बैंक के कर्ज में राहत, बकाया बिजली बिल माफ करने तथा रसोई गैस, डीजल-पेट्रोल सहित जरूरी सामान की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग भी की। वक्ताओं ने बढ़ते अपराध, हत्या, बलात्कार, लूट और हिंसा पर नियंत्रण तथा प्रखंड कार्यालय में व्याप्त मनमानी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी मांग की। अनशन पर ललन राम, कन्हैया पासवान, सर्वेश कुमार पांडेय, धनई राम, चंद्रेश सिंह, शिवजी राजभर और शंकर राय सहित कई लोग बैठे। इस दौरान भगवान दास, जाबिर कुरैशी, ऊषा देवी, राजा अंसारी, राधेश्याम शर्मा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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डुमरांव में 24 घंटे का सत्याग्रह शुरू:भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन-आवास देने की मांग, महादलित और गरीब परिवारों ने किया अनशन
