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राष्ट्रीय हड्डी एवं जोड़ सप्ताह के अवसर पर बेतिया स्थित दैनिक भास्कर कार्यालय में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार ने हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक किया और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) यानी हृदय-फेफड़ा पुनर्जीवन विधि पर विस्तृत जानकारी थी। डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि अचानक किसी व्यक्ति की सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही तरीके से CPR देकर व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है। प्रशिक्षित व्यक्ति से दिलाएं CPR उन्होंने समझाया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने पर सबसे पहले उसकी प्रतिक्रिया और सांस की जांच करनी चाहिए। यदि व्यक्ति सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए सूचना देने के साथ CPR शुरू कर देना चाहिए। प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा छाती पर उचित तरीके से दबाव देकर CPR देने से मरीज को अस्पताल पहुंचने तक जीवन बचाने का अवसर मिल सकता है। आपात स्थिति में सावधानी से काम करें शिविर में यह भी बताया गया कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय धैर्यपूर्वक और सावधानी से काम करना चाहिए। आसपास मौजूद लोगों को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए तथा मरीज को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करना चाहिए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हड्डी एवं जोड़ संबंधी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें बुनियादी जीवन रक्षक प्रणाली की जानकारी देना था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे समय रहते जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता कर सकें।
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दैनिक भास्कर ऑफिस में CPR अवेयरनेस कैंप:डॉ. उमेश बोले-'हृदय गति बंद होने पर शुरुआती मिनट महत्वपूर्ण'
