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अभी सावन चल रहा है, यह महीना 28 अगस्त तक रहेगा। इन दिनों में शिव मंदिरों में भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा कर रहे हैं। मान्यता है कि सावन में शिव पूजा करने से मन को शांति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भगवान शिव के साथ पूरे शिव परिवार की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शिव परिवार में माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय स्वामी, नंदी और नाग देव शामिल हैं। घर में शिव परिवार की पूजा करने से परिवार में प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। घर में शिवलिंग रखा है तो इन नियमों का करें पालन उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, जिन घरों में शिवलिंग स्थापित है, वहां कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। शिवलिंग जहां स्थापित है, वहां की पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर में शिवलिंग की सुबह और शाम नियमित पूजा करनी चाहिए। अगर विधिवत पूजा नहीं कर पाते हैं, तो शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। पूजा स्थान की साफ-सफाई बनाए रखें। समय-समय पर पूजा स्थल पर गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव कर शुद्धता बनाए रखने की परंपरा है। भगवान शिव को बिल्व पत्र बहुत प्रिय माने जाते हैं। इसलिए रोज शिवलिंग पर बिल्व पत्र अर्पित करना चाहिए। अगर किसी कारण से ताजे बिल्व पत्र उपलब्ध न हों, तो पुराने बिल्व पत्रों को साफ पानी से धोकर दोबारा चढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा शिवलिंग पर जल अर्पित करें, धूप-दीप जलाएं, मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएं। घर के लिए कैसा शिवलिंग शुभ माना जाता है? कई लोग घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन शिवलिंग के आकार को लेकर सावधानी रखना जरूरी है। मान्यताओं के अनुसार, घर में छोटे आकार का शिवलिंग रखना शुभ होता है। बड़े आकार के शिवलिंग की स्थापना आमतौर पर बड़े मंदिरों में की जाती है, जहां नियमित रूप से विशेष पूजा-पाठ और व्यवस्थाएं होती हैं। घर में हमारे अंगूठे के पहले भाग के बराबर आकार का शिवलिंग रख सकते हैं। क्या खंडित शिवलिंग की पूजा की जा सकती है? शिवलिंग को भगवान शिव के निराकार स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। इसलिए मान्यता है कि अगर शिवलिंग खंडित भी हो जाए, तब भी उसकी पूजा की जा सकती है। हालांकि, भगवान शिव की प्रतिमा यदि टूट जाए, तो उसे पूजा स्थान से हटाने की परंपरा है। खंडित प्रतिमा की पूजा नहीं करनी चाहिए। घर में किन धातुओं का शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है? घर में शिवलिंग रखने के लिए धातु का चुनाव भी महत्वपूर्ण माना जाता है। लोहे, एल्यूमीनियम और स्टील से बने शिवलिंग घर में रखने से बचना चाहिए। सोना, चांदी, पीतल, पारद, स्फटिक और पत्थर से बने शिवलिंग को शुभ माना जाता है। सोने और चांदी के शिवलिंग काफी महंगे होते हैं, इसलिए अधिकतर लोग पत्थर यानी पार्थिव शिवलिंग की स्थापना करते हैं। पारद यानी पारे से बने शिवलिंग का विशेष महत्व है। पारद शिवलिंग की पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में शुभ वातावरण बना रहता है। पारद शिवलिंग तैयार करने की प्रक्रिया भी बहुत खास है। इसमें पहले पारे को शुद्ध किया जाता है और फिर विभिन्न औषधियों के मिश्रण से उसे ठोस रूप दिया जाता है। इसके बाद इसी ठोस पारे से शिवलिंग बनाया जाता है।
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सावन महीना 28 अगस्त तक:घर में शिवलिंग रखा है तो सुबह और शाम करनी चाहिए पूजा; ताजे बिल्व पत्र न हों, तो पुराने बिल्व पत्रों को दोबारा चढ़ा सकते
