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बांका में बिजली गिरने से पिता-पुत्र की मौत:खेत में काम करते समय हादसा,स्कूल बंद होने से 7 वर्षीय बेटे साथ गया था




बांका के टाउन थाना क्षेत्र के खावा गांव में रविवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे पिता और सात वर्षीय बेटे की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता से जिद कर खेत गया था प्रिंस जानकारी के अनुसार, खावा गांव निवासी 35 वर्षीय ब्रह्मदेव यादव रविवार को खेत में काम करने के लिए घर से निकले थे। रविवार होने के कारण स्कूल बंद था, इसलिए उनका सात वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार भी पिता के साथ खेत जाने की जिद करने लगा। पहले ब्रह्मदेव ने उसे मना किया, लेकिन बेटे की जिद के आगे झुकते हुए उसे अपने साथ खेत ले गए। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों झुलस गए दोपहर के समय दोनों खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई। देखते ही देखते आकाशीय बिजली सीधे पिता-पुत्र पर गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को आनन-फानन में बांका सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों और परिजनों ने पहुंच सदर अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सदर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि ब्रह्मदेव यादव मेहनतकश किसान थे और परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। पिता और बेटे की एक साथ मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच की जा रही घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। टाउन थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आपदा राहत योजना के तहत मुआवजा की मांग वहीं, परिजनों ने प्राकृतिक आपदा राहत योजना के तहत मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें।



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