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मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिजली के तार और ट्रांसफॉर्मर चोरी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। बरूराज थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन 33 केवी बिजली लाइन का करीब 1.8 किलोमीटर तार काटकर चोरी करने की कोशिश के दौरान एक आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पूछताछ में मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में हुई कई बड़ी चोरी की घटनाओं के बारे में जानकारी दी। आरोपी ने बताया कि गिरोह पहले बिजली के तार काटता था, फिर चोरी का सामान मुजफ्फरपुर के कांटी इलाके में बेच दिया जाता था। 27 जुलाई को पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल से किया था गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, बरूराज थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर के पास एनबीपीडीसीएल की 33 केवी लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था। 27 जुलाई की सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि अज्ञात लोग निर्माणाधीन बिजली का तार काट रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मधुरूपरा (पिपरा, मोतिहारी) निवासी दीपक कुमार को पकड़ लिया, जबकि उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से करीब 1.8 किलोमीटर कटा हुआ बिजली का तार भी बरामद किया गया। एफआईआर के अनुसार, जेके इलेक्ट्रिक कॉन्ट्रैक्टर एलएलपी के साइट सुपरवाइजर मेवालाल यादव ने बरूराज थाने में आवेदन देकर बताया कि उनकी कंपनी एनबीपीडीसीएल के तहत 33 केवी लाइन निर्माण का कार्य कर रही है। चोरी के कारण सरकारी परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। आरोपी दीपक बोला- महंगे शौक ने मुझे अपराधी बना दिया गिरफ्तार आरोपी दीपक कुमार ने पुलिस के समक्ष दिए स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि वह साधारण परिवार से है। बचपन से महंगे कपड़े पहनने और तेज रफ्तार गाड़ी चलाने का शौक था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इच्छाएं पूरी नहीं हो सकीं। दीपक ने बताया कि इसी दौरान गांव के दोस्तों गोलू कुमार और इन्द्रलोक कुमार ने उसकी मुलाकात प्रकाश कुमार उर्फ साह से कराई, जो बिजली के तार और ट्रांसफॉर्मर चोरी कर उन्हें मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में बेचता था। इसके बाद वह भी गिरोह में शामिल हो गया। पहले भी कई वारदातों को दिया अंजाम पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि गिरोह ने 9 जुलाई की रात मोतिहारी के गड़हिया थाना क्षेत्र में करीब 23 पोल का बिजली तार काटकर चोरी किया था। इसके बदले उसे करीब 8 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद 15 जुलाई की रात बरूराज के जनता कॉलेज और मिडिल स्कूल के पास से ट्रांसफॉर्मर चोरी किया गया, जिसे कांटी में बेच दिया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि 17 जुलाई की रात देवरिया चौक के पास करीब 34 पोल का बिजली तार काटकर चोरी की गई थी। चोरी का पूरा माल पिकअप पर लादकर मुजफ्फरपुर के कांटी में बेचा गया और सभी आरोपियों में रकम बांटी गई। नई लाइन देख बनाया चोरी का प्लान दीपक ने बताया कि वह अपनी बहन के घर बरूराज आया हुआ था। श्रीरामपुर चौक के पास घूमने के दौरान उसने देखा कि नई बिजली लाइन बिछाई जा रही है और उसमें अभी बिजली प्रवाहित नहीं हुई है। उसने इसकी जानकारी गिरोह के सरगना प्रकाश कुमार को दी। इसके बाद 26 जुलाई की रात सभी आरोपी गोपीनाथपुर के पास पहुंचे और करीब आठ पोल का तार काटकर उसका बंडल बना रहे थे। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई और दीपक पकड़ा गया, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए। मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी फरार आरोपी ने पूछताछ में गिरोह के सरगना प्रकाश कुमार, गोलू कुमार, इन्द्रलोक कुमार, दिलीप राम समेत दो अन्य अज्ञात लोगों के नाम बताए हैं। पुलिस इन सभी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह सुनसान इलाकों में नई बिजली लाइन और ट्रांसफॉर्मर को निशाना बनाता था और चोरी का सामान दूसरे जिलों में बेच देता था।
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'महंगे शौक पूरे करने के लिए बना चोर':मुजफ्फरपुर में बिजली तार चोरी गिरोह का खुलासा, 1.8 किलोमीटर तार के साथ एक अरेस्ट; बताया कैसे करता था चोरी
