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शेखपुरा के अरियरी प्रखंड की एफनी पंचायत के मणिपुर गांव में जलस्तर काफी नीचे चला गया है। इस वजह से नल जल योजना के तहत स्थापित पेयजलापूर्ति केंद्र का बोरिंग फेल हो गया है। बीते 15 दिनों से गांव में पेयजलापूर्ति पूरी तरह ठप्प है, जिससे लगभग डेढ़ हजार की आबादी गंभीर जल संकट का सामना कर रही है। हाई पावर मशीन लगाने की मांग नवादा और शेखपुरा जिले की सीमा पर स्थित इस गांव के लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीण पीने का पानी लाने के लिए सीमावर्ती नवादा जिले के खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए लगाए गए बोरिंग का उपयोग कर रहे हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में मणिपुर गांव की महिला और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने डीएम से पेयजलापूर्ति केंद्र में उच्च शक्ति का बिजली मोटर लगाने की मांग की। कम क्षमता का बिजली मोटर लगा डीएम से गुहार लगाने पहुंची प्रियंका देवी ने बताया कि नल जल योजना के जलापूर्ति केंद्र के बोरिंग में कम क्षमता का बिजली मोटर लगा है, जिससे पानी नहीं निकल रहा है। उन्होंने कहा कि इस आपूर्ति केंद्र में साढ़े सात एचपी का मोटर लगाने की मांग बार-बार पीएचईडी विभाग और जनप्रतिनिधियों से की गई है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। जल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग ग्रामीणों ने डीएम से अविलंब जलापूर्ति केंद्र में उच्च शक्ति का बिजली मोटर लगाने और जल आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी इस प्रमुख समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे। डीएम से मिलने पहुंचे ग्रामीणों में लाल सिंह, प्रशांत चौधरी, जयरानी देवी, पूनम देवी, पप्पू कुमार, विनय कुमार, जितेंद्र कुमार, रंजीत कुमार, शिव बालक प्रसाद, उमेश चौधरी और पवन कुमार सहित कई अन्य लोग शामिल थे।
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मणिपुर गांव में 15 दिन से वाटर सप्लाई बंद:शेखपुरा में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट घेरा, हाई पावर मशीन लगाने की DM से की मांग
