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पटना और आसपास के 12 नगर निकायों का कूड़ा अब बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होगा। इसके लिए सोमवार को पटना नगर निगम और 12 नगर निकायों के बीच समझौता (MoU) हुआ है। इसके लिए 514 करोड़ रुपये की लागत से रामचक बैरिया में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसमें कूड़े से प्रतिदिन 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना में पटना नगर निगम नोडल एजेंसी की भूमिका निभाएगा, जबकि हैदराबाद की एक निजी कंपनी प्लांट का निर्माण और बिजली उत्पादन करेगी। बैठक के दौरान सभी नगर निकायों के प्रतिनिधियों को परियोजना की विस्तृत जानकारी भी दी गई। इन नगर निकायों का कूड़ा आएगा पटना परियोजना के तहत इन नगर निकायों से प्रतिदिन कचरा रामचक बैरिया भेजा जाएगा— बिजली बनाने के लिए 1400 मीट्रिक टन कूड़े की जरूरत पटना के आसपास के 12 नगर निकायों से रोज करीब 900 मीट्रिक टन कूड़ा यहां लाने की व्यवस्था होगी। बिजली बनाने के लिए रोज कम से कम 1400 मीट्रिक टन कूड़े की जरूरत पड़ेगी। पटना में 600 मीट्रिक टन कूड़ा रोज निकलता है। बाकी कूड़ा 12 निकायों से एकत्र किया जाएगा। अभी नगर निकाय अपने क्षेत्र में ही कूड़े को डंप कर रहे हैं। MoU होने के बाद वहां के कूड़े को चकबैरिया लाया जाएगा। कूड़े से रोज 15 मेगावाट बिजली बनेगी रामचक बैरिया में कूड़े से रोज 15 मेगावाट बिजली बनेगी। साथ ही कंपोस्ट और खाद बनाने का प्लांट भी लगेगा। इस बिजली प्लांट का निर्माण 30 महीने में होगा। चकबैरिया में 86 एकड़ के डंप यार्ड में लीगेसी वेस्ट (पुराने कचरे के पहाड़) का निस्तारण तेजी से चल रहा है। 40 एकड़ जमीन खाली कर दी गई है, ताकि यहां पावर प्लांट लगाने का काम शुरू हो सके।
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पटना में कूड़े से बनेगी 15 मेगावाट बिजली:12 नगर निकायों से रोज पहुंचेगा 900 टन कचरा, 514 करोड़ की परियोजना पर हुआ समझौता
