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पटना हाईकोर्ट में भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले को लेकर दायर आपराधिक रिट याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। मामले की याचिकाकर्ता अधिवक्ता वर्षा सिंह ने शुक्रवार को कोर्ट में मेंशनिंग के दौरान पक्ष रखा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की सुनवाई के लिए सोमवार या मंगलवार तक तारीख मिल सकती है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 29 जून को कोर्ट ने मामले की स्लिप के माध्यम से पक्ष रखी गई थी। बाद में न्यायालय की ओर से उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। इसी क्रम में उन्होंने कोर्ट में उपस्थित होकर मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता बताई। मां को न्याय दिलाने की अपील वर्षा सिंह ने बताया कि उन्होंने न्यायालय के समक्ष एक ऐसी मां की पीड़ा रखी, जिसके सामने उसके बेटे की मौत हुई। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार को केवल न्याय चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन पुलिस अधिकारियों पर आरोप हैं, उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और निष्पक्ष जांच की दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं। स्वतंत्र जांच और गिरफ्तारी की मांग याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह भी मांग रखी गई कि मामले में शामिल सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया जाए और जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखने के बजाय संबंधित लोगों को सौंप दिया गया, जबकि उसे साक्ष्य के रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए था। इन सभी बिंदुओं को न्यायालय के समक्ष रखा गया है। हाईकोर्ट से जल्द तारीख मिलने की उम्मीद अधिवक्ता वर्षा सिंह ने बताया कि उन्होंने कोर्ट को यह भी अवगत कराया कि इस मामले में पहले से ही आपराधिक रिट याचिका दायर की जा चुकी है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट भी ऐसे मामलों में पहले हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह देता रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उनकी दलीलों को गंभीरता से सुना है और उन्हें उम्मीद है कि मामले की सुनवाई के लिए सोमवार या मंगलवार तक तारीख मिल जाएगी। भरत तिवारी को लेकर दिल्ली में न्याय अधिकार सभा भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर श्रद्धांजलि सभा के साथ-साथ न्याय अधिकार सभा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन ‘क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले हो रहा है। श्रद्धांजलि सभा में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में बिहार, मध्यप्रदेश, यूपी और हरियाणा के करीब 10 हजार लोग जुटेंगे। सभी लोग मिलकर भरत तिवारी और उनके परिवार के लिए न्याय की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे। साथ ही कार्यक्रम के आखिर में आंदोलन की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद न्याय की मांग में जुटे वकीलों के जरिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। जंतर-मंतर से आई तस्वीरें… मां ने कहा- मुझे अब तक न्याय नहीं मिला उधर, भरत तिवारी एनकाउंटर के आज एक महीने पूरे हो गए हैं। भरत की मां आशा देवी का कहना है कि सम्राट चौधरी कहते हैं कि सहयोग शिविर पूरे बिहार में लग रहा है। अगर कोई अधिकारी 30 दिन के अंदर किसी शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मेरे बेटे भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर के 30 दिन पूरे हो चुके हैं, मुझे अब तक न्याय नहीं मिला, क्या मैं बिहार की नागरिक नहीं हूं। भरत की मां, बहन, भाई श्रद्धांजलि, न्याय अधिकार सभा में होंगे शामिल भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी पांडेय, भाई चंदन तिवारी, मामा भगवती पांडेय, चचेरे भाई लव कुमार, राजेश पांडेय समेत अन्य परिजन श्रद्धांजलि और न्याय अधिकार सभा में शामिल होंगे। कार्यक्रम के संयोजक पंकज त्रिपाठी कहना है कि जंतर-मंतर से केंद्र सरकार के समक्ष मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभा में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समर्थकों शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सभा में शामिल बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के भरत तिवारी के समर्थकों के साथ बैठकर अगले चरण के आंदोलन और देशव्यापी अभियान को लेकर चर्चा की जाएगी। पंकज त्रिपाठी ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान में अबतक 40–45 लाख लोगों ने भाग लिया है। एक करोड़ का टारगेट रखा गया है। एनकाउंटर की जांच के लिए 11 कमिटी बनाई गई है भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग के लिए अलग-अलग 11 कमिटी बनाई गई है। इसमें 11 लोग अध्यक्ष चुने गए हैं। मुख्य कमिटी अमर शहीद भरत तिवारी, न्याय संघर्ष समिति है। उसके अध्यक्ष अनिल मिश्रा हैं, जो ग्वालियर के रहने वाले हैं। ये सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। कार्यकारी अध्यक्ष सलेमपुर के रहने वाले नागेश्वर दुबे हैं। ये आरा सिविल कोर्ट में वकील हैं। पंकज त्रिपाठी संयोजक है और सहसंयोजक मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी हैं। इस कमिटी में 7 अन्य सदस्य हैं, जो वकील हैं। ये मुख्य कमिटी पूरे न्याय के मामले की समीक्षा करेगी। समय-समय पर लोगों को सलाह देगी और बाकी निर्देशन करेगी। SC के वकील अनिल मिश्रा ने कहा था- जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा श्रद्धांजलि और न्याय अधिकार सभा में ग्वालियर के रहने वाले और सुप्रीम कोर्ट के वकील अनिल मिश्रा भी शामिल होंगे। भरत तिवारी की तेरहवीं पर भोजपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनिल मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने कहा कि जंतर मंतर से भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग का आंदोलन तेज होगा। जिन अधिकारियों पर एनकाउंटर का आरोप है, उनका यहां से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया जाए। हत्या की FIR दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा था कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। तब उन्होंने इसकी जानकारी दी थी कि 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिलाने और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। मामले में चल रही जांच केवल खानापूर्ति बन गई है। मैं इस जांच को सिरे से खारिज करता हूं। अनिल मिश्रा ने कहा था कि इस मामले में हत्या (धारा 103) का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। इसमें नीचे से लेकर ऊपर तक सभी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। एसपी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। स्पॉट पर तीन गोलियां मारी गईं और उसके बाद गाड़ी में दो गोलियां चलाई गईं। पुलिस ने इसे सेल्फ डिफेंस का मामला बताया है, इसलिए धारा 103 नहीं लगाई गई। इन धाराओं में न्याय संभव नहीं होगा। एसपी समेत मामले से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दूसरे मुख्यालय भेजा जाए, उसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। सीटिंग जज से जांच की निगरानी की भी की गई थी मांग अनिल मिश्रा ने कहा था कि जांच की निगरानी किसी सीटिंग जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि भरत तिवारी दलित और पीड़ित लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रहे थे। उनके मोबाइल में भ्रष्टाचार से जुड़े कई सबूत हैं, इसलिए पुलिस मोबाइल वापस नहीं कर रही और उसकी जांच कर रही है। उन्होंने भोजपुर और बिहार के वकीलों से अपील की थी कि वे आरोपित पुलिसकर्मियों की ओर से पैरवी न करें।
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भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की उम्मीद:याचिकाकर्ता ने पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई, एविडेंस से टेंपरिंग के मुद्दे पर रखा पक्ष
