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जमुई के बरहट प्रखंड स्थित लभेत गांव के मंडल टोला, वार्ड संख्या-4 में करीब दो दर्जन परिवार पिछले एक साल से बांस के खंभों और अस्थायी तारों के सहारे बिजली का उपयोग कर रहे हैं। सरकार के हर घर तक सुरक्षित बिजली पहुंचाने के दावों के बावजूद, ग्रामीणों को नियमित बिल भुगतान के बाद भी बिजली के पोल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ग्रामीण बोले-अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। स्थायी बिजली व्यवस्था के अभाव में लोग जर्जर तारों का उपयोग करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में करंट लगने या किसी बड़े हादसे की आशंका से ग्रामीण लगातार चिंतित हैं। ग्रामीणों, जिनमें विष्णुदेव रावत, श्याम सुंदर रावत, संदीप मंडल, क्रांति देवी, बेबी देवी और पंकज कुमार पटेल शामिल हैं, ने बताया कि क्षेत्र में लो वोल्टेज की भी गंभीर समस्या है। कम वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पाते, जिससे पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया है। उनका तर्क है कि जब उपभोक्ता समय पर बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं, तो विभाग की जिम्मेदारी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें सहयोग पोर्टल पर आवेदन देने की सलाह देकर टाल दिया जाता है। इस स्थिति से शिकायत निवारण व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इस संबंध में विद्युत कनीय अभियंता अरविंद कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में विभाग के पास बिजली के पोल उपलब्ध नहीं हैं। अभियंता ने आश्वासन दिया कि पोल का आवंटन होते ही गांव में स्थायी बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
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जमुई में 1 साल से बांस के सहारे बिजली आपूर्ति:नियमित बिल भुगतान के बावजूद नहीं लगे पोल, बरसात में हादसे की आशंका
