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बेगूसराय नगर थाना क्षेत्र स्थित अशोक नगर पोखरिया के रहने वाले जाने-माने बस (चंडिका) के ओनर स्व. इंद्रदेव प्रसाद सिंह के बेटे अभय कुमार सिंह उर्फ प्रिंस (38) ने शुक्रवार दोपहर अपने घर में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक टीवीएस फाइनेंस में सहायक मैनेजर के पद पर कार्यरत था। गोतिया पर जमीन कब्जाने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप सदर अस्पताल में रोती-बिलखती मृतक की पत्नी रिद्धि कुमारी ने अपने गोतिया (पटीदार) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिद्धि कुमारी ने बताया कि शहर के अशोक नगर पोखरिया स्थित उनकी करीब एक बीघा कीमती जमीन पर उनके गोतिया अशोक सिंह ने जबरन कब्जा कर रखा है। इसके अलावा तिलरथ स्थित उनकी एक अन्य जमीन पर भी अशोक सिंह उन्हें जाने नहीं देता था। जमीन विवाद और गोतिया की दबंगई के कारण अभय कुमार सिंह पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव में चल रहे थे। पत्नी के अनुसार, अभय अक्सर डिप्रेशन में आकर कहते थे कि हमारा गोतिया हमको जीने नहीं देगा। हम जहर खाकर जान दे देंगे। तुम भी बच्चों के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर लेना, क्योंकि इस लड़ाई में कोई हमारा सहयोग नहीं कर रहा है। इसी तनाव के चलते शुक्रवार को उन्होंने यह कदम उठाया। मोहल्ले वालों ने पहुंचाया अस्पताल मोहल्ले के लोगों ने बताया कि दोपहर में जब घटना की जानकारी मिली, तो वे तुरंत अभय के घर पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए एक निजी क्लिनिक ले जाया गया। हालांकि, स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन मौत हो गई। 28 साल पहले पिता की बम मारकर हुई थी हत्या इस घटना ने 27-28 साल पुराने जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। मूल रूप से मटिहानी थाना क्षेत्र के चाक गांव के रहने वाले इंद्रदेव सिंह जिले की बहुचर्चित बस कंपनी चंडिका के मालिक थे और शहर के अशोक नगर पोखरिया में मकान बनाकर रहते थे। करीब 27-28 साल पहले सिउरी पुल के समीप बम मारकर इंद्रदेव सिंह की हत्या कर दी गई थी। पिता की हत्या के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इंद्रदेव सिंह की हत्या एवं उनकी पत्नी की मौत के बाद उनके बड़े बेटे की संदिग्ध हालात में ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। मंझला बेटा कई साल पहले अचानक घर से लापता हो गया, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। तीन भाइयों में अभय कुमार सिंह उर्फ प्रिंस ही इस परिवार का इकलौता जीवित सहारा (आखिरी चिराग) बचे थे। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहकर परिवार को संभाल रहे थे और टीवीएस फाइनेंस में नौकरी कर रहे थे। लेकिन जमीन विवाद और अपनों की प्रताड़ना ने इस आखिरी सहारे को भी छीन लिया। अभय की मौत के बाद अब यह पूरा परिवार पूरी तरह बिखर गया है और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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चंडिका बस ओनर के बेटे ने दी जान:पत्नी ने गोतिया पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया; टीवीएस फाइनेंस में काम करता था प्रिंस
