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बैंक मैनेजर छुट्टी में थे, उनके टैब से एक दिन में ही खोल दिए 100 म्यूल अकाउंट




साइबर अपराधियों को बैंक खाता (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट कार्रवाई कर रही है। इस दौरान सालिमपुर थाने में दर्ज मामले की समीक्षा की गई। जांच में सालिमपुर के केनरा बैंक और बख्तियारपुर के बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। केनरा बैंक के मैनेजर छुट्टी पर थे तो उस दिन उनका सरकारी टैब बैंक का निजी कर्मी चला रहा था। उसी दिन उस टैब से करीब 100 बैंक खाते खोले गए। संबंधित बैंक मैनेजर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लिया गया है। वह फरार चल रहे हैं। इसके अलावा पांच अन्य बैंककर्मियों और साइबर अपराधियों के सहयोगियों की भूमिका भी संदिग्ध है, जिनकी तलाश की जा रही है। भोज देकर खुलवाए गए महिलाओं के खाते जांच में यह बात आई कि साल के शुरुआत में ही जालसाजों ने सालिमपुर थाना इलाके के सैदपुर, मोरादपुर और सुंदरपुर गांव के लोगों को झांसा देना शुरू किया। नरौली गांव में जगदंबा स्थान के पास स्थित कुंदन कुमार के विवाह भवन में कैंप लगाया गया। लोगों को झांसा दिया गया कि शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए पैसा आएगा। इसके बाद 200 से अधिक महिलाओं के खाते खुलवाकर पासबुक और एटीएम कार्ड शातिरों ने अपने पास रख लिया। मार्च में पता चला कि इन लोगों के खाते से अवैध ट्रांजेक्शन हो रहा है। तीन महीने में करोड़ों का ट्रांजेक्शन हो चुका है। इसके बाद मामला साइबर थाना और सीसीएसयू पहुंचा। अब तक इस मामले में बैंककर्मी धीरेंद्र कुमार, विवाह भवन संचालक कुंदन कुमार और मोरादपुर के अवध राय को जेल भेजा जा चुका है। पटना में 860 म्यूल अकाउंट चिह्नित, जांच कर रही पुलिस साइबर प्रहार 3.0 के तहत राज्य में 5035 म्यूल अकाउंट को चिह्नित किया गया है। इनसे से 704 खातों का सत्यापन हो चुका है। इन खातों में साइबर ठगी के 63 करोड़ रुपए आए हैं। इस दौरान पटना जिले में 860 म्यूल अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। म्यूल अकाउंट के मामले में पटना जिले में 16 केस दर्ज हो चुके है और 48 आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।



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