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Hariyali Teej 2026 | Shubh Yog Purva Phalguni Nakshatra Vrat Vidhi


पटना12 मिनट पहले

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श्रावण शुक्ल तृतीया में आज शनिवार को हरियाली तीज व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के पर्व के रूप में मनाया जाएगा। इसे कजरी तीज भी कहा जाता है।

सावन शुक्ल तृतीया में आज शनिवार की सुबह 06:30 बजे तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र उसके बाद पूरे दिन उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र के साथ चार शुभ योग का सुयोग बन रहा है।

आज शिव योग, सिद्ध योग, रवियोग और जयद् योग का उत्तम संयोग में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। ये सभी योग शुभता प्रदान करने वाले होते है।

महिलाएं अखंड सौभाग्य की करेंगी कामना

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि तीज के दिन व्रत और पूजन से सुख-समृद्धि व धन लाभ की प्राप्ति होगी। इस दिन महिलाएं हरे रंग की वस्त्र, हरी चूड़ियां, लहठी, सोलह श्रृंगार के साथ मेंहदी लगाकर महादेव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करेंगी।

यह पर्व एक पारंपरिक उत्सव के रूप में जीवन में नए रंग भरता है। हरियाली तीज का त्योहार स्त्रियों के जीवन में प्रेम-स्नेह की सोंधी सुंगध और आपसी जुड़ाव का ही उत्सव है। इस दिन पूजा-व्रत, आराधना से अखंड सौभाग्य, सुख, समृद्धि, वैभव, शांति का वरदान मिलता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा।

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा।

पंचामृत से होगा भगवान शिव का अभिषेक

हरियाली तीज के दिन पति की दीर्घायु व परिवार की सुख-समृद्धि के लिए गंगाजल और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक होगा। इस दिन दुर्गा के 108 नामों का पाठ करना शुभतादायी रहेगा।

परिवार की उन्नति व संतान प्राप्ति की कामना के लिए महादेव को बेलपत्र और दुर्गा सप्तशती के 11वें अध्याय का पाठ करें। कुंवारी लड़कियां मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए हरियाली तीज का उपवास व उमा-महेश्वर की पूजा-अर्चना करेंगी।

भगवान शिव के प्रिय वस्तुओं के अर्पण से कामना होगी पूरी

धतूरा: संतान प्राप्ति

दूब: चिरायु

बेलपत्र: मनोकामना पूर्ति

गुड़हल: शत्रु नाश

बेला- दांपत्य सुख

पारिजात: ऐश्वर्य वृद्धि

गुलाब: सुख-समृद्धि का विस्तार

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