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15 साल की नौकरी में करोड़पति बना एग्जीक्यूटिव इंजीनियर:85 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी, 1.29 लाख कैश बरामद; संजय कुमार-उनकी पत्नी के नाम 13 प्लॉट




खगड़िया में तैनात पथ निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। निगरानी व आर्थिक अपराध इकाई (SVU) ने संजय कुमार पर केस दर्ज करने के बाद शुक्रवार को खगड़िया, पटना, और नालंदा में छापेमारी की। करीब 8 घंटे तक चली इस छापेमारी में संजय कुमार के पास से 1 करोड़ एक लाख एक हजार रुपए की गैर संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। SVU के अनुसार यह संपत्ति उनकी 15 साल की नौकरी के दौरान सरकारी आय और अन्य ज्ञात सोर्स से 61% ज्यादा है। निगरानी की तीन टीमों ने एक साथ तीनों ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी के दौरान अब तक 1.29 लाख रुपए कैश जिसमें से 81 हजार रुपए खगड़िया से मिले हैं। साथ ही करीब 18.85 लाख रुपए के सोने की ज्वेलरी और 68 हजार 574 रुपए की चांदी के गहने बरामद किए गए हैं। विजिलेंस की ओर से बताया गया कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उनकी पत्नी के नाम 13 प्लॉट है। रेड से जुड़ी 3 तस्वीरें… 13 अचल संपत्तियों के दस्तावेज, कुल कीमत 1.88 करोड़ निगरानी की अब तक की जांच में संजय कुमार की प्राथमिकी में दर्ज 13 अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1 करोड़ 88 लाख 1 हजार रुपए बताया गया है। इनके अलावा बिहारशरीफ में संजय कुमार द्वारा बनवाए गए एक अन्य तीन मंजिला आवासीय भवन का भी पता चला है। जांच टीम अब इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और उसके निर्माण में हुए खर्च की भी पड़ताल कर रही है। तलाशी के दौरान तीन जमीन एग्रीमेंट के कागजात भी बरामद हुए हैं। इन तीनों जमीनों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 28 लाख 66 हजार 277 रुपए बताई गई है। निगरानी के अनुसार, इन जमीनों के लिए बयाना/अग्रिम के रूप में करीब 20 लाख रुपए का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। जांच एजेंसी अब इन जमीनों की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन के सोर्सों की भी जांच कर रही है। 15 साल की नौकरी में कमीशनखोरी का लगा आरोप बता दें कि 15 साल की नौकरी में 4 साल तक वो खगड़िया में पोस्टेड रहे। इस दौरान संजय पर सड़क निर्माण को लेकर कई बार कमीशनखोरी का आरोप लगा है। तलाशी के दौरान कुल 1 लाख 29 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। निगरानी के DSP शशि शेखर के अनुसार, खगड़िया स्थित सरकारी आवास से करीब 81 हजार रुपए कैश मिले हैं। इसके अलावा अन्य ठिकानों से मिली नकदी को मिलाकर बरामद कुल राशि 1.29 लाख रुपए बताई गई है। अभियुक्त के ठिकानों से सोने और चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए। आधिकारिक मूल्यांकन के अनुसार सोने के गहनों की कीमत करीब 18 लाख 85 हजार रुपए, जबकि चांदी की ज्वेलरी की कीमत 68 हजार 574 रुपए है। यानी दोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 19.53 लाख रुपए है। नालंदा में ज्वेलरी का मूल्यांकन कराने के लिए जांच टीम ने स्थानीय ज्वेलर्स के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया था। ज्वेलर्स के प्रतिनिधि अरुण कुमार के अनुसार, करीब 300 से 350 ग्राम सोना और लगभग 250 ग्राम चांदी मिली है। मूल्यांकन के बाद इसकी रिपोर्ट जांच अधिकारियों को सौंपी गई है। बिहारशरीफ के पैतृक घर में करीब 6 घंटे चली तलाशी निगरानी की टीम ने नालंदा के बिहारशरीफ स्थित संजय कुमार के पैतृक घर में करीब छह घंटे तक तलाशी ली। यहां चार सदस्यीय टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे पहुंची थी। स्थानीय पुलिस भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रही। निगरानी के DSP विकास श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान टीम ने घर में मौजूद जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियां और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाले। दस्तावेजों की कॉपी तैयार करने के लिए टीम अपने साथ फोटो कॉपी मशीन भी लेकर पहुंची थी। निगरानी टीम ने खगड़िया स्थित संजय कुमार के सरकारी आवास और कार्यालय में भी तलाशी ली गई। कार्यालय में संजय कुमार से पूछताछ की गई। सरकारी आवास से कैश और ज्वेलरी बरामद होने की बात सामने आई है। भाई ने कहा- आय से अधिक संपत्ति का आरोप गलत नालंदा स्थित घर पर छापेमारी के दौरान संजय कुमार के छोटे भाई इन्द्रदेव कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति के आरोप को गलत और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना था कि छापेमारी के समय संजय कुमार घर पर मौजूद नहीं थे और वह खगड़िया में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। तलाशी के दौरान निगरानी टीम ने घर की घेराबंदी कर दी थी। किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं, रोजाना घर में काम करने आई सिमरन कुमारी को भी टीम ने अंदर जाने से रोक दिया था। सिमरन ने बताया कि वह रोज की तरह काम करने पहुंची थी, लेकिन टीम ने उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। उसने घर के अंदर पुलिस बल के साथ अधिकारियों को जांच करते देखा। 13 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने संजय कुमार के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 098/26, दिनांक 13 अगस्त 2026 दर्ज किया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। निगरानी के अनुसार, संजय कुमार के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले करीब 1 करोड़ 1 लाख 1 हजार रुपए की प्रत्यानुपातिक संपत्ति पाई गई है। इसी आधार पर विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से सर्च वारंट प्राप्त कर शुक्रवार को तीनों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई।



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