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पूर्णिया के बायसी प्रखंड के मरवा गांव उबरा टोला में परवान नदी के कटाव से गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ये गांव बनगामा पंचायत के वार्ड नंबर 13 में स्थित है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण भीषण कटाव जारी है। इसके चलते दर्जनों ग्रामीणों के घर और उपजाऊ जमीन नदी के पानी में विलीन होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस स्थिति से स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। परवान नदी के कटाव की 3 तस्वीरें देखिए 15 साल पहले भी विस्थापित हुए थे 500 परिवार मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बनगामा पंचायत के मुखिया अबु ज़फ़र ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व महानंदा नदी के भीषण कटाव से विस्थापित होकर करीब 500 गरीब परिवार मरवा के उबरा टोला में आकर बसे थे। अब वही आबादी एक बार फिर परवान नदी के कटाव की चपेट में आ गई है। तीन साल से जारी है कटाव पंचायत मुखिया अबु जफर के अनुसार, परवान नदी का कटाव बीते तीन वर्षों से लगातार जारी है। पिछले वर्ष भी कटाव गांव के काफी करीब पहुँच गया था, जिसकी लिखित सूचना पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और संबंधित विभागों को दी गई थी। हालांकि, पत्राचार के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्य नहीं किया गया, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। एमपी, एमएलए और डीएम से कटावरोधक कार्य की मांग परमान नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। गांव को बचाने के लिए मुखिया ने बायसी विधायक गुलाम सरवर, किशनगंज सांसद डॉ. जावेद आजाद और पूर्णिया के जिलाधिकारी से अविलंब हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि अधिकारी स्थल निरीक्षण कर स्थिति की गंभीरता की समीक्षा करें। बाढ़ नियंत्रण विभाग के माध्यम से तुरंत कटवारोधक कार्य शुरू किया जाए। जमीन नहीं बची तो खड़ा होगा बड़ा संकट मुखिया अबु ज़फ़र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तुरंत बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया, तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा। गांव में रहने वाले अधिकांश लोग गरीब हैं और उनके पास दोबारा बसने के लिए अपनी कोई ज़मीन नहीं बची है। यदि गांव कटाव की भेंट चढ़ता है, तो बेघर हुए लोगों के पुनर्वास और स्थानीय प्रशासन के सामने एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो जाएगा।
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पूर्णिया- बायसी के मरवा गांव में परवान नदी कटाव:लोगों के घरों के किनारे तक पहुंचा पानी, 15 साल पहले विस्थापित हुए थे 500 परिवार
