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दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार बच्चों का रेस्क्यू किया है। इस मामले में दंपती को गिरफ्तार किया गया है। बच्चों से जबरन काम कराने और मारपीट का आरोप है। चारों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति कों सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहायक अवर निरीक्षक (सअनि) राजीव कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नेहरा इलाके से कुछ नाबालिग को बंधुआ मजदूरी के लिए बिरौल लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुपौल-हांटी कोठी पुल के पास एक बस को रोककर जांच की। जांच के दौरान बस में दंपति के साथ चार नाबालिग बच्चे मिले। पुलिस ने तत्काल सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मारपीट और जबरन मजदूरी का आरोप बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि दंपती बहेरा थाना क्षेत्र के रामधोबिया गांव के रहने वाले हैं। नेहरा के जगदीशपुर में रहकर बच्चों से मजदूरी कराते थे। बच्चों ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन काम कराया जाता था। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की जाती थी। बच्चों ने पुलिस को बताया कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर रात में वहां से भाग निकले और बिरौल आने वाली बस में सवार हो गए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया। बाल कल्याण समिति को सौंपे जाएंगे बच्चे जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रयास जुवेनाइल) वीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि चारों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंपा जा रहा है। साथ ही उनके पुनर्वास और परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बच्चों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नेहरा थाना भेजा गया मामला इस कार्रवाई में प्रयास जुवेनाइल की टीम और सामाजिक कार्यकर्ता नारद मंडल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने गिरफ्तार दंपती के खिलाफ बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए केस नेहरा थाना को भेज दिया है। इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है। किसी और जगह पर तो बच्चों से जबरन मजदूरी नहीं कराई जा रही है। इस एंगल से मामले की जांच की जा रही है।
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दरभंगा में चार बच्चों का रेस्क्यू:पुलिस ने दंपती को किया गिरफ्तार, जबरन मजदूरी कराने और मारपीट का आरोप
