पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर अब हाईकमान आर-पार के मूड में है। हाईकमान गुटबाजी पर स्ट्रिक्ट एक्शन लेने से पहले ग्राउंड रियलिटी चेक करना चाहता है। इसलिए, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को पंजाब भेजा है। वह ग्राउंड पर आकर ब्लॉक लेवल से लेकर तमाम नेता
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कल (30 जुलाई) से भूपेश बघेल 10 दिन के पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। वह 9 दिन में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और 2022 में चुनाव लड़ चुके नेताओं के साथ-साथ संबंधित जिलों के विधायकों व सांसदों के साथ बैठक करेंगे।
इसी बीच पूर्व CM चन्नी ने भी अपने बागी तेवर दिखा दिए हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में फार्मेसी पेपर लीक मामले में आज एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पार्टी का निशान नहीं लगाया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चन्नी ने पोस्टर में कांग्रेस का चिह्न न लगाकर बताया है कि पार्टी से हटकर कार्यक्रम है। विद्यार्थियों की ओर से बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट में होने वाले रोष धरने में वह अपने पर्सनल इमेज के साथ शामिल होंगे।
चन्नी की ओर से जारी किया गया बिना कांग्रेस के चिह्न वाला पोस्टर…

राहुल गांधी की रैलियों पर भी विचार
इधर, पंजाब दौरे पर आ रहे भूपेश बघेल बैठकों में चन्नी का फीडबैक लेने के अलावा पार्टी नेताओं से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ राहुल गांधी की रैलियों का स्थान तय करने पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस जल्द ही पंजाब में राहुल गांधी की 4 बड़ी रैलियां करने पर विचार कर रही है।
हालांकि, इससे पहले वह पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने का प्रयास करेगी, ताकि राहुल गांधी के स्टेज पर कांग्रेस एक जुट रहे। पार्टी सूत्रों ने बताया है कि राहुल के पंजाब दौरे से पहले हाईकमान बागी गुट पर ठोस एक्शन ले सकता है।
चन्नी गुट को राहुल से मीटिंग का समय नहीं दिया जा रहा
चरणजीत सिंह चन्नी गुट को राहुल गांधी अब ज्यादा तरजीह नहीं दे रहे हैं। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक, चन्नी गुट राहुल गांधी से लगातार मिलने का समय मांग रहा है, लेकिन राहुल गांधी के दफ्तर से उसे समय नहीं मिल रहा है।
चन्नी गुट को राहुल गांधी की व्यस्तता की बात कहकर टाइम नहीं दिया जा रहा है। चन्नी गुट को उम्मीद है कि 13 जुलाई के बाद राहुल गांधी से उसे वक्त मिल जाएगा और वह एक बार अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे।

2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा
बैठकों के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की राय जानने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरना और उन्हें एकजुट करना है। इस महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत 31 जुलाई को शहीदों की धरती फतेहगढ़ साहिब से होगी।
संगठन में बदलाव की उम्मीद
राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। इस दौरे के जरिए भूपेश बघेल पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करने, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने का प्रयास करेंगे। इससे संगठन में संभावित बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है।

पहले भी चंडीगढ़ में कर चुके बैठक
गौरतलब है कि इससे पहले भी भूपेश बघेल 6 दिन तक चंडीगढ़ में रहकर पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने पार्टी में चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी थी। इसके बाद हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस की चुनाव समितियों और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावनाओं से इनकार कर दिया था।
मीटिंग में शामिल होने वाले लोग
मीटिंगों में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पदाधिकारी, हलके (विधानसभा क्षेत्र) के मंडल अध्यक्ष, हलके के BLA-1, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, जिले से संबंधित पूर्व MP व पूर्व MLA, अग्रणी संगठनों के जिलाध्यक्ष (यूथ कांग्रेस, सेवा दल, महिला कांग्रेस, इंटक, एससी, ओबीसी विभाग, आरजीपीआरएस, सोशल मीडिया), नगर पार्षद, जिला परिषद व ब्लॉक समिति के सदस्य, जिले से संबंधित AICC और PPCC के सदस्य शामिल होंगे।

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