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मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में एक बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। शराब पीने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी। मौत के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा किया। उन्होंने बेनीबाद थाना पुलिस और जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। मृतक की पहचान बेनीबाद थाना क्षेत्र के तेजौल गांव के रहने वाले गोनू दास के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि 19 जून को बेनीबाद थाना पुलिस ने गोनू दास को शराब पीने के आरोप में हिरासत में लिया था। पुलिस ने छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी। रुपए की व्यवस्था नहीं होने पर कोर्ट में पेश कर खुदीराम बोस केंद्रीय कारा भेज दिया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि जेल में उसकी तबीयत लगातार खराब थी, लेकिन समय पर इलाज नहीं कराया गया। हमें सूचना भी नहीं दी, जब मौत हुई तो हमें बुलाया गया। गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था एसकेएमसीएच के चिकित्सकों के अनुसार, बंदी को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसे तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
आरोप गलत है- जेल प्रशासन वहीं, जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों के अनुसार, बंदी की तबीयत बिगड़ने पर जेल के चिकित्सक ने तत्काल जांच कर प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए पहले सदर अस्पताल रेफर किया। वहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच भेज दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में करीब 2 घंटे तक चिकित्सकों ने उसका इलाज किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमॉर्टम घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। जेल प्रशासन ने बताया कि मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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मुजफ्फरपुर में बंदी की मौत के बाद हंगामा:परिजन बोले- रिश्वत नहीं दी तो शराब मामले में भेजा था जेल, बीमारी की सूचना तक नहीं दी
