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हरियाणा में बिजली संकट:50 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, 17 जिलों में ब्लैकआउट की स्थिति; गुरुग्राम में 50 हजार घरों की बत्ती गुल




हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को बिजली-पानी का संकट गहरा गया। फॉल्ट आने पर उसे ठीक करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं मिल रहे। गुरुग्राम में ही 50 हजार घरों की बिजली गुल होने की सूचना है। 1200 में से 700 फीडर बंद हैं। यहां पिछले 18 घंटे में शिकायत केंद्र पर करीब 5,000 शिकायतें पहुंचीं। जींद में 35 घंटे से बिजली ठप है। प्रदेश में 65 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से करीब 10 लाख पर हड़ताल का सीधा असर पड़ने का अनुमान है। बिजली की मांग घटने के चलते पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिटों में उत्पादन बंद करना पड़ा। वहीं, बिजली संकट से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। हिसार, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और कैथल समेत कई शहरों में परेशान उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदेश के 23 में से 17 जिलों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बढ़ती परेशानी के बीच प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों से बातचीत की पहल की है। बिजली मंत्री अनिल विज ने हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा को वार्ता के लिए बुलाया है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे पंचकूला में बैठक प्रस्तावित है। मोर्चा के प्रवक्ता रविंद्र घणघस ने दावा किया कि बिजली निगम के 40 हजार नियमित और 10 हजार कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर हैं। क्यों हड़ताल कर रहे बिजली कर्मचारी? हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने 19 अक्टूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का आदेश दिया था। इसके विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने स्ट्राइक कॉल की। हड़ताल 21 अक्टूबर की रात 10 बजे शुरू हुई और 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इंजीनियर एसोसिएशन के मीडिया इंचार्ज बलजीत बैनीवाल कहते हैं-इससे सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के रोजगार पर असर पड़ेगा। बिजली निगम के हालत बीएसएनल जैसे हो जाएंगे। हड़ताल का असर…पानी सप्लाई नहीं, ई-वाहन चार्ज नहीं सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार आयोग के फैसले को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देगी। सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार निजीकरण के पक्ष में नहीं है और कानूनी लड़ाई के जरिए इस मामले को उठाया जाएगा। 3 बजे पंचकूला में मोर्चा से बात होगी।



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