![]()
पूर्णिया पुलिस की ओर से संचालित परिवार परामर्श केंद्र ने एक दंपती को सात साल बाद फिर से मिलाया है। पारिवारिक विवाद के कारण अलग रह रहे इस जोड़े ने केंद्र की मध्यस्थता के बाद साथ रहने का फैसला किया है। दंपती पिछले सात साल से अलग-अलग रह रहे थे, जिससे उनके परिवार में तनाव बना हुआ था। इस सुलह प्रक्रिया में पति के पिता की ओर से कुछ अड़चनें थीं। परामर्श केंद्र ने इन बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे दंपती के बीच की दूरियां खत्म हो सकीं। दोनों पक्ष एक साथ रहने पर सहमत हुए केंद्र के प्रयासों से आखिरकार दोनों पक्ष एक साथ रहने पर सहमत हो गए हैं। इस पहल को पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। 7 साल से थे अलग मामला अमौर थाना क्षेत्र की रहने वाले सबा ज़फ़र और बायसी थाना क्षेत्र निवासी निखत से जुड़ा है। पिछले सात साल से दोनों पति-पत्नी अलग रह रहे थे। जानकारी के अनुसार, पति अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाना चाहता था, लेकिन पत्नी के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे और बेटी को ससुराल भेजने में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। पति अपनी पत्नी को जितनी बार भी ले जाना चाहता, पिता मना कर देते और 7 साल से जाने नहीं दिया। पति ने लगाई महिला थाना में गुहार
इस स्थिति से परेशान होकर पति ने महिला थाना में न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद मामला पूर्णिया पुलिस की ओर से संचालित परिवार परामर्श केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया। जहां एडवोकेट दिलीप कुमार दीपक, स्वाति बस्यंत्री, एडवोकेट बबीता के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
परामर्श केंद्र की सफल मध्यस्थता
केंद्र के संचालक और वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की काउंसलिंग की। बताया कि सात साल से चल रहे इस अलगाव के पीछे मुख्य कारण पिता का अत्यधिक हस्तक्षेप था। काउंसलिंग के दौरान जब पत्नी से बात की गई और स्थिति को समझाते हुए उसे जागरूक किया गया, तो उसने अपने पति के साथ जाने की तीव्र इच्छा व्यक्त की।
पत्नी ने केंद्र के सामने अपनी सुरक्षा की चिंता जताते हुए कहा, “यदि आज आपने मुझे अपने पति के साथ नहीं भेजा, तो मेरे पिता मुझे भविष्य में भी जाने नहीं देंगे। इसलिए आप हमें आज ही साथ भेज दीजिए।”
टूटते परिवारों को जोड़ना है उद्देश्य
वकील दिलीप कुमार दीपक ने बताया कि परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य टूटते हुए परिवारों को जोड़ना और आपसी गलतफहमियों को दूर करना है। सात साल के लंबे अलगाव के बाद, एक-दूसरे का हाथ थामकर खुशी-खुशी अपने ससुराल के लिए रवाना हुए दंपति को देखकर केंद्र के पदाधिकारी भी भावुक नजर आए।
Source link
