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Khagaria BUIDCO Nala Nirman Inspection


खगड़िया में नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र में BUIDCO की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

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निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी प्रक्रिया को लेकर मिली शिकायतों के बाद बुधवार को SDM धनंजय कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने कचहरी रोड और सोनमंखी-गौशाला रोड स्थित निर्माणाधीन नालों का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान BUIDCO के PD, AE, JE और संबंधित संवेदक भी मौके पर मौजूद रहे। नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सिन्धु कमल और नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने भी अधिकारियों के साथ निर्माण कार्य का जायजा लिया।

लेवल, एलाइनमेंट और ढलान की जांच

अधिकारियों ने निर्माणाधीन नाले की वास्तविक स्थिति की बारीकी से जांच की। इस दौरान नाले के लेवल, एलाइनमेंट, ढलान, गहराई और चौड़ाई समेत अन्य तकनीकी बिंदुओं को देखा गया।

यह भी जांच की गई कि निर्माण स्वीकृत तकनीकी डिजाइन और प्राक्कलन के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

शिकायत में कुछ स्थानों पर नाले का सड़क स्तर से अधिक नीचे और कहीं अपेक्षाकृत ऊंचा होने की बात कही गई थी।

ऐसे में जलनिकासी के लिए नाले की सही ढलान और लेवल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कंक्रीट और क्यूरिंग की गुणवत्ता भी जांची

नाला निर्माण को लेकर पहले हुई जांच में कंक्रीट की गुणवत्ता, क्यूरिंग और निर्माण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे।

कुछ स्थानों पर पर्याप्त क्यूरिंग नहीं होने और कंक्रीट डालने के दौरान वाइब्रेटर के समुचित इस्तेमाल नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई थी।

कुछ जगहों पर कंक्रीट में हनीकॉम्बिंग यानी छेद जैसी स्थिति होने की बात भी कही गई थी।

बुधवार के निरीक्षण में अधिकारियों ने इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया।

शिकायत के बाद लगातार मामला उठा रहे नगर सभापति प्रतिनिधि

नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा नाला निर्माण में कथित तकनीकी कमियों को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष मामला उठाते रहे हैं।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने भी अधिकारियों को निर्माण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं, बल्कि सरकारी राशि से बन रहे नाले को गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बनाना है।

यदि निर्माण में कोई तकनीकी कमी है तो उसे समय रहते दूर किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी राशि खर्च कर दोबारा मरम्मत या निर्माण की जरूरत न पड़े।

तकनीकी रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

प्रशासन की ओर से नाले के लेवल, एलाइनमेंट, ढलान, कंक्रीट की गुणवत्ता, क्यूरिंग और निर्माण प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

अधिकारियों की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण में किसी तरह की तकनीकी अनियमितता या कमी है या नहीं।

यदि जांच में किसी प्रकार की कमी प्रमाणित होती है तो नियमानुसार सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

नगर सभापति प्रतिनिधि ने प्रशासन से दोनों नालों की तकनीकी जांच गंभीरता से पूरी कराने और निर्माण को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराने की मांग की है।



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