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खुद पर गोली चलवाकर विरोधियों को फंसाने की साजिश:औरंगाबाद में दो शातिर गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में रची गई थी पूरी साजिश




औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र के काजीचक दोमुहान के पास तीन दिन पहले शनिवार को हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस युवक ने खुद को गोली मारकर घायल होने और विरोधियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था, वो घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। सदर एसडीपीओ वन आदित्य कुमार ने बताया कि विरोधियों को गंभीर धाराओं में फंसाने के उद्देश्य से कथित पीड़ित रोहतास जिले के नासरीगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत पवनी गांव निवासी रितिक कुमार ने मुख्य साजिशकर्ता रोहतास जिले के ही आयरकोठा थानाक्षेत्र के टंडवा गांव निवासी सोनू कुमार के साथ मिलकर अपने ही ऊपर गोली चलवाई थी। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ झूठी कहानी तैयार कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि मामले में कथित पीड़ित रितिक कुमार और मुख्य साजिशकर्ता सोनू कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक बोलेरो को भी बरामद किया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गोली लगने की सूचना से शुरू हुई पुलिस की जांच शनिवार को बारुण थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि काजीचक दोमुहान के पास हिमांशु सिंह और अनुपम सिंह ने रितिक कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल रितिक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाने की कोशिश की। इलाज के बाद रितिक कुमार के फर्दबयान के आधार पर बारुण थाना कांड संख्या 390/26 दर्ज की गई। रितिक ने अपने बयान में हिमांशु सिंह और अनुपम सिंह समेत अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद के निर्देश पर सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी को मामले में शामिल आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के साथ-साथ घटना की वास्तविकता सामने लाने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने पारंपरिक पूछताछ के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच का आधार बनाया। घटनास्थल और तकनीकी साक्ष्यों ने खोली साजिश की परत एसआईटी ने घटनास्थल का भौतिक सत्यापन किया। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं और घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को रितिक के बयान और घटनास्थल से मिले तथ्यों के बीच कई विरोधाभास दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने मामले में शिकायतकर्ता रितिक कुमार से गहन पूछताछ की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ कि गोलीकांड की कहानी वैसी नहीं थी, जैसी प्राथमिकी में बताई गई थी।एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान कथित गोलीकांड की पूरी साजिश सामने आ गई। जांच में यह बात सामने आई कि रितिक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर खुद को गोली लगने की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद इस घटना को विरोधियों द्वारा किए गए हमले के रूप में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूरी योजना का उद्देश्य हिमांशु सिंह और अनुपम सिंह को पुराने विवाद के मामले में गंभीर धाराओं के तहत फंसाना था। पुरानी रंजिश में रची गई थी साजिश, हाथ में मारी गई गोली पुलिस जांच में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में रोहतास जिले के आयरकोठा थाना क्षेत्र के टड़वा निवासी सोनू कुमार का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार सोनू कुमार की हिमांशु सिंह से पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के कारण उसने हिमांशु और उसके साथी अनुपम को गंभीर मामले में फंसाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि सोनू ने रितिक कुमार के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की। योजना के तहत रितिक को बोलेरो से काजीचक नहर मार्ग के समीप ले जाया गया। वहां सुनसान स्थान पर उसके हाथ में गोली मारी गई। इसके बाद घायल रितिक को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस के सामने ऐसी कहानी प्रस्तुत की गई कि हिमांशु और अनुपम ने उसे गोली मारकर घायल कर दिया है। आरोपियों की मंशा विरोधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कराने की थी। पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में ऐसे आरोप लगाए गए थे, जिनसे नामजद लोगों को गंभीर कानूनी धाराओं में फंसाया जा सके। मामले में एससी-एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का भी उल्लेख किया गया था। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने रितिक कुमार को ही इस साजिश में शामिल पाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सोनू कुमार को भी आयरकोठा थाना क्षेत्र के टड़वा से गिरफ्तार कर लिया। दो गिरफ्तार, बोलेरो बरामद; अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने मामले में रितिक कुमार और सोनू कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ के दौरान अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक बोलेरो को बरामद किया है। यह वही वाहन बताया गया है, जिसका इस्तेमाल रितिक को घटनास्थल तक ले जाने में किया गया था। पुलिस अब वाहन के साथ-साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। सोनू कुमार का आपराधिक इतिहास भी पुलिस ने जारी किया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ डेहरी, आयरकोठा और अन्य थाना क्षेत्रों में पूर्व से कई मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, एससी-एसटी एक्ट, शराब और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं। रितिक कुमार के खिलाफ भी नासरीगंज थाना क्षेत्र में पूर्व के मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। बारुण गोलीकांड के इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना में इस्तेमाल हथियार की उपलब्धता समेत अन्य कड़ियों का आपस में क्या संबंध है।



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