Headlines

Bihar Weather Update | Aurangabad Rain Alert & Farmers Advisory 2026


औरंगाबाद सहित बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है। गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होने के बाद शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। तेज रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं के कारण मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। बारिश और बादल के क

.

जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही धूप नहीं निकलने के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी देखने को मिल रहा है।

हालांकि बारिश से धान की फसल को लाभ हुआ है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखने लगे थे। पेट्रोल के लिए किसानों को मोटर पंप का सहारा लेना पड़ रहा था। बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।

बारिश से धान की फसल को हुआ फायदा।

बारिश से धान की फसल को हुआ फायदा।

26 सितंबर तक बारिश के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में बदलने के बाद बिहार के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पूरे बिहार में 26 सितंबर तक मौसम के बदले रहने के आसार हैं। कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप चौबे के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार कर चुका है। इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर होने की प्रक्रिया में है।

इसके बावजूद इसके प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बादल, बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि करीब पांच दिनों के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।

बारिश से तापमान में आई गिरावट।

बारिश से तापमान में आई गिरावट।

किसानों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवा के दौरान किसानों को खेतों में जाने से बचना चाहिए। खराब मौसम की स्थिति में किसान अपने पशुओं को भी खुले स्थान पर न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें।

विशेषज्ञों के अनुसार फसलों पर किसी भी प्रकार की दवा या कीटनाशक का छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही करना चाहिए। बारिश की संभावना के बीच दवा का छिड़काव करने से उसका असर कम हो सकता है और किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मेघ गर्जन या तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान के आसपास खड़े होने से भी बचने की जरूरत है। मौसम साफ होने के बाद ही कृषि संबंधी जरूरी कार्य करने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना किसानों और आम लोगों के लिए उपयोगी रहेगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *