पूर्णिया में तूफान से पेड़ और बिजली के खंभे गिरे:25 घरों के छप्पर उड़े, पीड़िता बोला- जब तक कुछ समझता, तबाही शुरू हो चुकी थी




पूर्णिया के बायसी प्रखंड के मालोपाड़ा गांव में गुरुवार को अचानक चक्रवाती तूफान आया। इस तूफान ने कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में भारी तबाही मचाई। घरों के छप्पर उड़ गए। बड़े पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए। करीब 20 से 25 घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया। चंद मिनट में उजड़ गए आशियाने प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर करीब 3:00 से 3:30 बजे के बीच अचानक मौसम का मिजाज बदला। तेज हवाओं ने देखते ही देखते चक्रवाती तूफान का रूप धारण कर लिया। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते या खुद को सुरक्षित स्थानों पर ले जा पाते, तबाही शुरू हो चुकी थी। घरों के उड़े छप्पर, पेड़ और बिजली के खंभे धराशाई हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि दर्जनों घरों के टीन और एस्बेस्टस के छप्पर गुब्बारे की तरह उड़कर काफी दूर जा गिरे। इतना ही नहीं कई पुराने और बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर गए। बिजली के पोल और तार जगह-जगह टूटकर बिखर गए, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। सैंकड़ों घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त अचानक आए इस तूफान से गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वार्ड संख्या 3 में लगभग 20-25 घर पूरी तरह तबाह हो गए। आसपास की बस्तियां भी इस बवंडर से अछूती नहीं रही। सैंकड़ों आशियाने को इस चक्रवाती तूफान ने चपेट में ले लिया और क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि आधिकारिक आंकड़े अबतक स्पष्ट नहीं हुए हैं । इतनी भयावह आंधी कभी नहीं देखा : पीड़ित स्थानीय मतीउर रहमान बताते हैं कि हमने अपने जीवन में इतनी भयावह आंधी नहीं देखा था। इससे पहले कभी ऐसी विनाशकारी आंधी नहीं देखी थी। हवा के तेज झोंके आते ही छत के टिन और पतरे हिलने लगे और पतंग की तरह हवा में उड़ने लगे। महज 10 मिनट के भीतर आए इस तेज तूफान ने देखते ही देखते पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। आंधी इतनी तीव्र और अचानक थी कि ग्रामीणों को संभलने, सोचने या सुरक्षित स्थान पर छिपने का कोई मौका ही नहीं मिला। इस आपदा में उनके घर को भारी नुकसान पहुंचा और उनकी बेटी भी घायल हो गईं। इसके अलावा, गांव में बिजली के पोल गिर गए और पास ही स्थित ट्यूबवेल भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। तूफान के बाद की स्थिति बेहद विकट है और चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। प्रशासन की टीम पहुंची मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही बायसी प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई और मालोपाड़ा गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। बेघर और प्रभावित परिवारों को खाने-पीने की किल्लत न हो, इसके लिए सूखा राशन बांटा गया। साथ ही बारिश से अस्थाई बचाव के लिए जरूरतमंदों के बीच प्लास्टिक की तिरपालें भी उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाना शुरू कर दिया गया है। पीड़ितों के बीच पहुंचे विधायक बायसी विधायक गुलाम सरवर ने गांघर पंचायत के मालोपाड़ा वार्ड नंबर 3 का दौरा करने के बाद क्षेत्र में चक्रवाती तूफान से हुई तबाही पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया इस तूफान में सैकड़ों परिवारों के घर पूरी तरह से उजड़ गए हैं और स्थिति बेहद भयावह है। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत सीओ, एसडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। विधायक ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत के तौर पर प्लास्टिक, तिरपाल, मोमबत्ती और माचिस का इंतजाम कराया जा रहा है, ताकि बारिश और अंधेरे से राहत मिल सके। साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों से बात करके टूटे तारों को अलग कर प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सीओ, आरओ और प्रशासनिक अधिकारियों से भी कहा है कि पूरे गांव का सर्वेक्षण कर क्षतिग्रस्त घरों, उड़े हुए शेड और अन्य नुकसान की रिपोर्ट तैयार करें ताकि पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा सके। लगभग 100 से अधिक परिवारों के प्रभावित होने का अनुमान जताया गया है। राहत कार्यों में सबने हाथ बंटाया गांगर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गुलाम गौस, स्थानीय वार्ड सदस्य और आसपास के जनप्रतिनिधि भी भारी संख्या में मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में हाथ बंटाया। मुखिया प्रतिनिधि गुलाम गौस ने बताया कि इस भयानक तबाही के कारण सैकड़ों घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और बेघर हो गए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है फिलहाल, अंचल, प्रखंड प्रशासन की ओर से आंधी और तूफान से हुए कुल आर्थिक-भौतिक नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है, ताकि आपदा प्रबंधन कोष के तहत प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जा सके। गांव में प्राकृतिक आपदा के बाद से दहशत का माहौल बना हुआ है, हालांकि प्रशासनिक तत्परता से पीड़ितों को फौरी राहत जरूर मिली है।



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