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गयाजी में आज से पितृपक्ष मेला, सीएम करेंगे उद्घाटन:सुरक्षा के लिए 6 हजार पुलिस तैनात, 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार; ऐप से मिलेगी पिंडदान की जानकारी




गयाजी और पुनपुन में आज से 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले की शुरुआत हो रही है। बिहार के सीएम सम्राट चौधरी मेले का उद्धाटन करेंगे। कार्यक्रम को लेकर विष्णुपद प्रांगण में भव्य पंडाल बनाया गया है, जो पूरी तरह सज-धजकर तैयार है। मुख्यमंत्री सबसे पहले विष्णुपद मंदिर पहुंचेंगे। यहां भगवान श्रीहरि विष्णु के चरण का दर्शन करेंगे। इसके बाद पितृपक्ष मेले का विधिवत उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री इसके बाद गांधी मैदान पहुंचेंगे। यहां सभा को संबोधित करेंगे। करीब आधे घंटे तक मुख्यमंत्री सभा में रहेंगे। इसके बाद पटना के लिए रवाना हो जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी आएंगे समारोह में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता सहित अन्य मंत्री, सांसद और विधायकों को आमंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने मेले की तैयारी पूरी कर ली है। देश-विदेश से आने वाले लाखों पिंडदानियों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पारंपरिक इंतजाम के साथ डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर दिया है। 6000 हजार से अधिक पुलिस बल तैनात किए गए हैं। जिसमे अधिकारी भी शामिल हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा मेला पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। 17 दिनों तक गयाजी में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचेंगे। पिंडदानियों की भीड़ को देखते हुए आवासन, यातायात, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई ठोस इंतजाम किए गए हैं। इस बार 2500 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 150 मुफ्त ई-रिक्शा भी चलाए जाएंगे। इसके अलावा मेला क्षेत्र में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। एक क्लिक पर मिलेगी जरूरी जानकारी पिंडदानियों की सुविधा के लिए इस बार ‘पिंडदान गयाजी’ मोबाइल ऐप और वेबसाइट शुरू की गई है। इसके जरिए श्रद्धालुओं को पिंडदान से जुड़ी जरूरी जानकारी एक जगह मिलेगी। ऐप पर पिंडदान की अलग-अलग वेदियों की जानकारी उपलब्ध होगी। किस वेदी पर कौन सा कर्मकांड किया जाता है, इसकी जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा पंडा-पुरोहित, आवासन, यातायात और पार्किंग की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य केंद्रों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी इसमें दी गई है। किसी आपात स्थिति में मदद के लिए जरूरी नंबर भी उपलब्ध रहेंगे। रूट से लेकर खोया-पाया तक की सुविधा मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी नहीं हो, इसके लिए रूट की जानकारी भी ऐप पर दी गई है। पार्किंग की जानकारी भी वहीं मिल सकेगी। खोया-पाया से जुड़ी सुविधा भी ऐप में जोड़ी गई है। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल सुविधा का मकसद श्रद्धालुओं को बार-बार अलग-अलग जगह जानकारी लेने की जरूरत से बचाना है। पिंडदान से लेकर रहने, आने-जाने और आपातकालीन मदद तक की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।



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