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कैमूर जिला प्रशासन ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई में लापरवाही बरतने वाले दो थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की है। मोहनिया और कुढ़नी के थानाध्यक्षों पर लोक शिकायत के मामलों में रिपोर्ट नहीं देने और निर्धारित तारीखों पर सुनवाई में उपस्थित नहीं होने के कारण 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दो बार मांगा गया जवाब, फिर भी नहीं भेजी रिपोर्ट प्रशासन के अनुसार, दोनों थानाध्यक्षों को लोक शिकायत से जुड़े मामलों में आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने और सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने न तो रिपोर्ट भेजी और न ही निर्धारित सुनवाई में शामिल हुए। ADM के नोटिस का भी नहीं दिया जवाब मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर समाहर्ता (ADM) ने दोनों थानाध्यक्षों से दो बार स्पष्टीकरण मांगा। निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने और रिपोर्ट नहीं भेजे जाने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना। दोनों थानाध्यक्षों पर 5-5 हजार का जुर्माना लगातार अनुपस्थिति और आदेशों की अनदेखी पर ADM ने मोहनिया और कुढ़नी के थानाध्यक्षों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई का उद्देश्य लोक शिकायत से जुड़े मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। डीएम ने सभी अधिकारियों को दी सख्त हिदायत मामले के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। सुनवाई में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा गया है। गैरहाजिरी को माना जाएगा अनुशासनहीनता डीएम ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक बैठकों और सुनवाई से बिना उचित कारण गैरहाजिर रहना या सक्षम अधिकारी के आदेशों की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी लापरवाही को अनुशासनहीनता मानते हुए भविष्य में दोषी अधिकारियों के खिलाफ और कड़ी प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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कैमूर में लोक शिकायत सुनवाई से 2 थानाध्यक्ष गायब:5-5 हजार जुर्माना, रिपोर्ट नहीं देने और आदेशों की अनदेखी पर ADM ने लगाया
