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Sanjay Mishra Wins First National Award for Bhakshak


39 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी मंगलवार को गुजरात में हुई है। - Dainik Bhaskar

नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी मंगलवार को गुजरात में हुई है।

सीनियर एक्टर संजय मिश्रा को फिल्म भक्षक के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। पिछले 35 सालों से टीवी और फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे संजय मिश्रा का ये पहला नेशनल अवॉर्ड है। जब उनसे पूछा गया कि वो अवॉर्ड में किसका नाम लिखवाना चाहते हैं, तो उन्होंने पिता शंभूनाथ मिश्रा का नाम लिखवाया। संजय ने ये भी बताया है कि जब उन्होंने मां को नेशनल अवॉर्ज जीतने की जानकारी दी, तो उनका पहला सवाल था- ‘खाना खाया कि नहीं?’

वहीं मैदान के गाने जाने दो के लिए बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड जीतने वाले मनोज मुंतशिर ने कहा कि जिस समय ये गाना बन रहा था, तब ही ए.आर.रहमान ने कहा था कि इसे नेशनल अवॉर्ड मिलेगा।

दैनिक भास्कर से बातचीत में संजय मिश्रा, मनोज मुंतशिर, कार्तिक आर्यन समेत कई नेशनल अवॉर्ड विजेताओं ने इस पर भावुक बातें कही हैं। पढिए इंटरव्यू-

फिल्म भक्षक के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीतने पर संजय ने कहा, ‘सबसे पहले में शुक्रिया कहूंगा, डायरेक्टर का जिसने मुझे ऐसी फिल्म में कास्ट किया। इसके बाद शुक्रिया करूंगा रेड चिल्लीज का, जो ऐसी फिल्में प्रमोट करता है और फिर शुक्रिया करूंगा भूमि पेडनेकर का, भूमि के साथ जो भी काम करता हूं अच्छा निकलकर आता है। बड़ा मजा आता है। दम लगा के हइशा, बड़ी तारीफ मिली थी और अब ये दूसरी फिल्म। उसके बाद ये स्क्रिप्ट। बहुत असल कहानी थी। कलाकारों को मुंह से नहीं काम से बोलना चाहिए। मुझे लगता है मैंने जिम्मेदारी निभाई।’

जब उनसे पूछा गया कि आप अपना अवॉर्ड किसे डेडिकेट करेंगे। संजय मिश्रा ने भावुक अंदाज में कहा, ‘मुझसे पूछा गया था कि अवॉर्ड में किसका नाम लिखना चाहेंगे। मैंने अपने पिता का नाम संजय शंभूनाथ मिश्रा लिखवाया। सबसे अहम कि इसमें इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री है, जिसने हमें पाला, पापा जी की तनख्वाह वहीं से आती थी। पीआईबी है, जिसमें भी पापा ने काम किया।’

संजय मिश्रा से जब पूछा कि इस पर मां का रिएक्शन कैसा था, उन्होंने मां की नकल उतारते हुए जवाब दिया और उनका जवाब बताया, जो था- ‘बेटा बहुत बढ़िया, लेकिन तुम खाना खा लिए हो, बहुत देर प्रोग्राम चला है, कुछ खाना खिलाया उन लोगों ने। पापा होते तो बढ़िया होता।’

सेरेमनी में संजय मिश्रा पत्नी के साथ पहुंचे। इस पर उन्होंने कहा- ‘अब घर में थोड़ी इज्जत बढ़ जाएगी, वर्ना हम पति किस काम के।’

मनोज मुंतशिर बोले- ए.आर.रहमान सर ने पहले ही कहा था इस गाने को नेशनल अवॉर्ड मिलेगा

हिंदी फिल्म ‘मैदान’ के गाने ‘जाने दो’ के लिए मनोज मुंतशिर को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट लिरिक्स का पुरस्कार मिला। इस पर उन्होंने कहा, ये गाना हमने चेन्नई में ए.आर.रहमान सर के स्टूडियो में बनाया था। रात में तकरीबन 3 बजे सर ने ट्यून दी। ट्यून ऐसी कि आंखे भर आएं। छत पर एक झूला था, उस पर बैठकर मैंने 2 लाइनें लिखीं- ये आवाजों के धागे खोले और तराने गाने दो, मैदानों में धूम न कम हो, जाते हैं हम जाने दो। मैं नीचे उतरा, मैंने रहमान सर को सुनाया और रहमान सर, बोनी कपूर जी हमारे डायरेक्टर अमित शर्मा सब लोग थे। मेरे मुंह से ये दो लाइनें निकलते ही, रहमान सर ने कहा- मनोज जी, ये नेशनल अवॉर्ड है। देखिए क्या संयोग था। उस वक्त मैं मुस्कुरा कर रह गया। लेकिन कभी सोचा नहीं था कि ये असल में होगा।’

आगे उन्होंने कहा, ‘दैनिक भास्कर के जो मेरे दर्शक और पाठक हैं उनसे मैं कहना चाहूंगा कि जो भी उम्मीदें आपने मुझ से लगाई हैं, उन्हें टूटने नहीं दूंगा। अपने हिस्से की गलतियां मैं कर चुका हूं। इसके बाद मैं प्रतिज्ञाबद्ध हूं कि आपकी उम्मीदों से खिलवाड़ नहीं होने दूंगा।’

पूछा गया कि अवॉर्ड किसे डेडिकेट करेंगे, जवाब मिला, ‘मैंने ये अवॉर्ड अपनी पत्नी नीलम मुंतशिर को डेडिकेट किया है। जब पहला अवॉर्ड मिला, तो बड़ा जलवा था, बड़ा नाम था, लेकिन पहले और दूसरे अवॉर्ड के बीच कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिसमें नीलम का एक साथी के तौर पर नीलम का मेरे साथ खड़ा होना, मुझे अंदर तक कश कर गया। मुझे लगा कि हमारी जो सबसे प्रिय दोस्त होती है वो पत्नी होती है।’

विजय गांगुली को आज की रात गाने के लिए अवॉर्ड

हिंदी फिल्म ‘स्त्री 2’ के गाने ‘आज की रात’ के लिए विजय गांगुली को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट कोरियोग्राफी का पुरस्कार मिला। गाने में तमन्ना भाटिया नजर आई थीं। अवॉर्ड मिलने के बाद विजय गांगुली ने कहा- ‘मैं नम हूं, अभी तक समझ नहीं आ रहा कि ये अवॉर्ड मेरे हाथ में है। इसे समझने में 2-3 दिन लगेंगे। मैंने अभी-अभी तमन्ना को मैसेज किया कि इस अवॉर्ड का क्रेडिट आपको जाता है। अगर आप वो स्टेप नहीं कर पातीं, जो सिखाया गया, तो शायद हम यहां तक नहीं पहुंचते। जब मैं छोटे बच्चों के डांस करते हुए वीडियो देखे, तो बहुत खुशी हुई। ये एक आर्टिस्ट के लिए सपने जैसा है।’

कार्तिक आर्यन बोले- ये फीलिंग अनरियल है

कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। ये उनके करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है। सेरेमनी खत्म होने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं, पूरी फैमिली के साथ हूं, बहुत इमोशनल मूमेंट है। अनरियल फीलिंग है, एक्सप्रेस नहीं कर पा रहा हूं।

आदित्य धर बोले- इंडिया को अवॉर्ड डेडिकेट करूंगा

आदित्य धर की फिल्म आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस पर उन्होंने कहा, ‘ये अवॉर्ड इंडिया को डेडिकेट करूंगा। मुझे लगता है कि ऐसी फिल्में देश को ऊपर उठाती हैं, लोग कुछ भी कहें लेकिन ये फिल्म देश को रिप्रेजेंट करती है।’

शाश्वत सचदेव को दूसरा नेशनल अवॉर्ड

हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए शाश्वत सचदेव को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (सॉन्ग्स) का पुरस्कार मिला। इससे पहले उन्हें फिल्म ऊरीः द सर्जिकल स्ट्राइक के लिए बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक का भी अवॉर्ड मिल चुका है।

दूसरी बार नेशनल अवॉर्ड हासिल कर उन्होंने कहा, ‘मैं ये फील कर रहा हूं कि एक राजस्थान का लड़का है, जो मिडिल क्लास परिवार में बड़ा हुआ, उसे आप लोगों ने इतना आशीर्वाद दिया कि वो आज यहां है। मैं ये अवॉर्ड अपने पेरेंट्स और पत्नी को डेडिकेट कर रहा हूं।’

अतुल गंगवार बोले- ये फीलिंग शब्दों में बयां करना मुश्किल

दिवंगत शायर निदा फाजली के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मैं निदा’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘बेस्ट आर्ट्स एंड कल्चर फिल्म’ का पुरस्कार मिला है। इस डॉक्यूमेंट्री के निर्माता अतुल गंगवार पिछले करीब ढाई दशक तक निदा फाजली के बेहद करीब रहे। अवॉर्ड हासिल कर उन्होंने कहा- ‘फीलिंग को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। सिनेमा के सबसे बड़े योगदान में से एक ये अवॉर्ड हासिल कर किसे अच्छा नहीं लगेगा।’

आगे उन्होंने कहा, ‘निदा साहब ने ग्वालियर, मध्यप्रदेश का नाम हमेशा रोशन किया, जब उनका निधन हुआ, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में उनका गीत पढ़ा। उन्होंने एक लाइन पर जोर देकर कहा- यहां कोई किसी को रास्ता नहीं देता, अगर मुझे गिराकर तुम चल सको, तो चले। जब प्रधानमंत्री उनकी लेखनी पढ़ते हैं, तो उनकी ऊंचाइयों का पता चलता है।’

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नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कार्तिक-यामी बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस:KGF अभिनेता को दादासाहेब फाल्के; 72 साल में अवॉर्ड्स 7 से बढ़कर 45 हुए

कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया। यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया।

सेरेमनी गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में मंगलवार को हुई। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को हुई थी।

‘श्रीकांत’ को बेस्ट हिंदी फिल्म और ‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला। तमिल स्टार धनुष को दो कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड दिया गया। पूरी खबर पढ़िए… नेशनल अवॉर्ड जीतकर भावुक कार्तिक आर्यन:कहा- ऐसे माहौल में एक्टर बनने का सपना देखा, जहां लोग हंसते हैं; छोटे शहर के लड़के का सपना पूरा हुआ

कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। सेरेमनी मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में हुई, जहां राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कार्तिक को अवॉर्ड दिया। ये कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है। इसे जीतने के बाद उन्होंने भावुक अंदाज में एक छोटे शहर से निकलकर सपने पूरे करने के सफर को याद किया है। पूरी खबर पढ़ें…



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