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मुंगेर के जमालपुर रेलवे यार्ड में रंगदारी और फायरिंग:सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात, मजदूर पुलिस मॉनिटरिंग में उतार रहे सीमेंट




मुंगेर के जमालपुर रेलवे यार्ड में 19 सितंबर को एक ठेकेदार से रंगदारी मांगने को लेकर मारपीट और गोलीबारी हुई थी। इस घटना के बाद से रेलवे यार्ड में तनाव का माहौल है। मालगाड़ी से सीमेंट और अन्य सामान उतारने वाले मजदूर, मुंशी और ठेकेदार सहित अन्य कर्मियों में डर बना हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल एसपी और मुंगेर एसपी ने रेलवे यार्ड में सुरक्षा बढ़ा दी है। आज मंगलवार से यार्ड में 24 घंटे भारी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। हजारों मजदूर जो रोज मालगाड़ी से सीमेंट उतारने और ट्रैक पर लादने का काम करते हैं, वे अब पुलिस की कड़ी निगरानी में काम कर रहे हैं। हाई सिक्योरिटी रेलवे जोन भी अब रंगदारों के निशाने पर इस घटना के बाद रेलवे यार्ड के ठेकेदार भी अपनी जान को सुरक्षित देखते हुए घटनास्थल पर जाने से बच रहे हैं। सुरक्षा के लिए जमालपुर रेलवे यार्ड में जहां मालगाड़ी से सामान उतारा जाता है, वहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जिला बल पुलिस के अलावा जीआरपी और बीएसएपी के 50 से अधिक जवान तैनात किए हैं। घटना के बाद पीड़ित ठेकेदार ने एसपी को आवेदन दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है। बता दें कि लौह नगरी के नाम से प्रसिद्ध जमालपुर जैसा हाई सिक्योरिटी रेलवे जोन भी अब रंगदारों के निशाने पर है। 48 घंटे बाद भी घटनास्थल पर नहीं पहुंची पुलिस बिहार के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले जमालपुर रेल यार्ड में हथियारबंद अपराधियों ने रेलवे के वैध सीमेंट अनलोडिंग कार्य को बंदूक की नोक पर रुकवा दिया और ठेकेदार से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर पूरी लेबर टीम को खदेड़ दिया गया। यह सनसनीखेज घटना 19 सितंबर की दोपहर की है, लेकिन 48 घंटे बाद भी स्थानीय थाना पुलिस ने न तो मौके पर पहुंचना मुनासिब समझा और न ही प्राथमिकी दर्ज की। थक-हारकर पीड़ित ठेकेदार को एसपी मुंगेर सैय्यद इमरान मसूद की शरण में जाना पड़ा। 50 से 70 हथियारबंद समर्थकों के साथ पहुंचे रंगदार पीड़ित राजू कुमार, प्रोपराइटर काली ट्रेडर्स ने एसपी को दिए आवेदन में बताया है कि वह अल्ट्राटेक, कॉनक्रीटो और एसीसी सीमेंट कंपनी के अधिकृत सीएफए के रूप में श्रम लाइसेंस लेकर 8 जुलाई से जमालपुर यार्ड के रैक प्लेसमेंट पॉइंट पर वैध रूप से सीमेंट उतराई का काम करा रहे हैं। इसकी लिखित सूचना 9 और 13 जुलाई को ही स्टेशन प्रबंधक जमालपुर, वाणिज्य निरीक्षक, राजकीय रेल थाना और आरपीएफ इंस्पेक्टर को दी जा चुकी थी। तब से काम शांतिपूर्ण चल रहा था। 19 सितंबर को नामजद रंगदार रोहित कुमार, कृष्ण मुरारी और आदर्श अपने 50 से 70 हथियारबंद समर्थकों के साथ यार्ड में घुस आए। कार्यस्थल पर स्थायी पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग उन्होंने मजदूरों को धमकाकर काम बंद करा दिया और कहा कि बिना 20 लाख रुपये दिए यहां काम नहीं करने देंगे। मना करने पर ठेकेदार के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। ठेकेदार की सूचना पर आरपीएफ पोस्ट जमालपुर की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़ दिया। लेकिन आरपीएफ के हटते ही तीनों नामजद दोबारा लौटे और खुलेआम धमकी दी कि अगर समय पर पैसा नहीं दिया तो लाशें बिछा देंगे और यार्ड में काम नहीं होने देंगे। पीड़ित ने एसपी से तीनों नामजदों सहित 50-70 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्यस्थल पर स्थायी पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है और कहा है कि पुलिस सक्रिय नहीं हुई तो यार्ड में कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है। मामले में एसपी सैय्यद इमरान मसूद ने कहा, आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। घटना में शामिल अपराधी चाहे कोई भी हो बख्शे नहीं जाएंगे।



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