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औरंगाबाद जिले में एक प्राइवेट स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि विद्यालय छोड़ चुकी छात्रा का नाम अब तक यू-डायस पोर्टल से नहीं हटाया गया है। इसके कारण वर्तमान विद्यालय में छात्रा की अपार आईडी नहीं बन पा रही है और मैट्रिक परीक्षा के लिए उसका रजिस्ट्रेशन भी प्रभावित हो रहा है। मामला कुटुंबा प्रखंड के ढोंगरा गांव निवासी संतान कुमार सिंह की पुत्री रिमझिम कुमारी से जुड़ा है। रिमझिम वर्तमान में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, निरंजनपुर में नौवीं कक्षा में पढ़ रही है। छात्रा के पिता के अनुसार, वह पहले संत जोसेफ पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। बाद में उसका नामांकन दूसरे स्कूल में कराया गया। इसके बाद बिहार बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा दिलाने के उद्देश्य से उसका नामांकन उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय निरंजनपुर में कराया गया। यहां अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया के दौरान पता चला कि यू-डायस पोर्टल पर छात्रा का नाम अभी भी संत जोसेफ पब्लिक स्कूल में दर्ज है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने परिजनों को बताया कि जब तक पुराने स्कूल के यू-डायस पोर्टल से नामांकन नहीं हटाया जाएगा, तब तक वर्तमान विद्यालय से छात्रा की अपार आईडी बनाने में परेशानी होगी। नाम हटाने पहुंचे पिता, अभद्र व्यवहार का आरोप छात्रा के पिता संतन कुमार सिंह ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद वे स्कूल पहुंचे और प्रबंधन से बेटी का नाम यू-डायस पोर्टल से हटाने का अनुरोध किया। उनका आरोप है कि इस दौरान संचालक नाराज हो गए और उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। पिता के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि जहां जाना है जाओ, कुछ नहीं होगा। यह भी आरोप है कि उन्होंने छात्रा का टीसी मांगा, लेकिन विद्यालय प्रबंधन की ओर से नहीं दिया गया। कथित रूप से 20 हजार रुपए की मांग की गई। रुपए नहीं देने पर बेटी का भविष्य खराब करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पिता ने बताया कि पहले स्कूल में कक्षा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का उन्होंने विरोध किया था। इसके बाद प्रबंधन से विवाद की स्थिति बनी। टीसी नहीं मिलने के कारण बेटी के नामांकन को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएम के आदेश पर हुआ नामांकन, लेकिन अपार आईडी अब भी नहीं बनी पिता के अनुसार, जब निरंजनपुर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में बेटी का नामांकन कराने पहुंचे तो यू-डायस से जुड़ी समस्या के कारण परेशानी हुई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत की। डीएम के आदेश के बाद छात्रा का नामांकन तो वर्तमान विद्यालय में हो गया, लेकिन यू-डायस पोर्टल पर पुराने विद्यालय में नाम दर्ज रहने के कारण अपार आईडी नहीं बन पा रही है। उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय निरंजनपुर के प्रधानाध्यापक ब्रजकिशोर पांडे ने भी इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन दिया है। आवेदन में बताया गया है कि संत जोसेफ विद्यालय प्रबंधन को यू-डायस पोर्टल से छात्रा का नामांकन हटाने के लिए रिक्वेस्ट भेजी गई है। इसके बावजूद पुराने विद्यालय की ओर से पोर्टल से नाम नहीं हटाया जा रहा है। विद्यालय प्रधानाध्यापक के अनुसार, नामांकन हटने के बाद ही वर्तमान विद्यालय में छात्रा की अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे छात्रा के शैक्षणिक रिकॉर्ड और आगामी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया पर असर पड़ने की चिंता जताई गई है। डीईओ ने दो दिनों में नाम हटाने का दिया निर्देश मामले को जिला शिक्षा विभाग ने भी संज्ञान में लिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह ने संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के प्राचार्य को पत्र भेजकर छात्रा का नाम यू-डायस कोड से हटाने का निर्देश दिया है। डीईओ की ओर से दो दिनों के अंदर नामांकन हटाते हुए इस संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। डीईओ के द्वारा 11 सितंबर को ही इससे जुड़ा स्पष्टीकरण जारी किया गया है। हालांकि, छात्रा के पिता और निरंजनपुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक का आरोप है कि निर्धारित निर्देश के बावजूद अब तक यू-डायस पोर्टल से छात्रा का नाम नहीं हटाया गया है। इसके कारण छात्रा और उसके परिजन लगातार विभागीय कार्यालय और विद्यालय के बीच चक्कर लगाने को मजबूर हैं। परिजनों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले में हस्तक्षेप कर छात्रा का नाम तत्काल पुराने विद्यालय के यू-डायस पोर्टल से हटवाए, ताकि अपार आईडी बनने के साथ बिहार बोर्ड की आगामी शैक्षणिक प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही लगाए गए आर्थिक मांग और अभद्र व्यवहार के आरोपों की भी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। विद्यालय प्रबंधन का पक्ष संत जोसेफ पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा मामला बकाया फी से जुड़ा हुआ है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अजय पांडेय ने बताया कि अभिभावक बिना फीस जमा किए ही बच्चों का नामांकन दूसरे विद्यालय में कर देते हैं, जिसके कारण इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है।
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औरंगाबाद में प्राइवेट स्कूल पर मनमानी का आरोप:डीईओ के आदेश के बाद भी यू-डायस से नहीं हटाया नामांकन; छात्रा की पढ़ाई-मैट्रिक रजिस्ट्रेशन पर संकट
