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पटना में करीब 2 घंटे की तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में करीब 3 फीट तक पानी जमा हो गया। पूरा परिसर झील जैसा नजर आने लगा और चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दिया। जलजमाव के कारण कार्यालय आने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी काफी परेशानी हुई। स्थिति ऐसी थी कि कई लोगों को जूते हाथ में लेकर पानी के बीच से कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। कर्मचारी भी किसी तरह पानी में उतरकर अपने कार्यालय पहुंचे। परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने से कार्यालय के सामान्य कामकाज पर भी असर पड़ा। सिविल सर्जन कार्यालय परिसर हुआ जलमग्न, देखें तस्वीर…
हर तेज बारिश में डूब जाता है पूरा परिसर सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के बाद परिसर में पानी भरना कोई नई बात नहीं है। अक्सर तेज बारिश होते ही पूरा कार्यालय परिसर पानी में डूब जाता है। उन्होंने कहा, ‘हर बार कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले लोगों को इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। कई बार बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे आने-जाने में भी दिक्कत होती है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।’ जूते उतारकर पानी पार करते दिखे लोग सिविल सर्जन कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कामों के लिए पहुंचते हैं। बारिश के बाद परिसर में पानी भरने से इन्हें काफी परेशानी हुई। कई लोग जूते उतारकर पानी में उतर गए, जबकि कुछ लोग जूते हाथ में लेकर जलजमाव पार करते नजर आए। कर्मचारियों को भी कार्यालय पहुंचने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ा। कर्मी ने कहा- सरकार का यही विकास है? कार्यालय परिसर में जलजमाव देखकर वहां पहुंचे एक कर्मी ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, “सरकार का यही विकास है?” जलजमाव की तस्वीरों में कार्यालय परिसर की बदहाल स्थिति और पानी के बीच से गुजरने को मजबूर लोग नजर आए। कर्मचारियों का कहना है कि राजधानी के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यालय में हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। हर मानसून में सामने आती है समस्या स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि मानसून के दौरान इस तरह की स्थिति बार-बार पैदा होती है। तेज बारिश होते ही कार्यालय परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी परिसर से जल्दी निकल नहीं पाता। इसके बावजूद जलजमाव से निजात दिलाने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। अब सवाल यह है कि राजधानी के स्वास्थ्य महकमे के महत्वपूर्ण कार्यालय में जब बारिश के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है तो शहर के दूसरे इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था का क्या हाल होगा?
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