दरभंगा में ब्राह्मण और राजपूत समाज को कथित तौर पर ‘सामंती’ और आरक्षण विरोधी बताए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले में बेनीपुर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता और जदयू विधिक प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार चौधरी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अम
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इस संबंध में उन्होंने बहेड़ा थानाध्यक्ष को स्पीड पोस्ट के माध्यम से लिखित शिकायत भेजी है। आवेदन के साथ वीडियो और पोस्ट के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए गए हैं।

सुशील चौधरी अन्य अधिवक्ताओं के साथ।
आरक्षण विरोधी बताकर अपमानित किया अधिवक्ता के अनुसार, वह बेनीपुर कोर्ट के वकालतखाना में अपना फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान फेसबुक पेज पर पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास का एक वीडियो देखा। आरोप है कि वीडियो के साथ ऐसा कैप्शन प्रसारित किया गया, जिसमें कहा गया है कि “सारे राजपूत ब्राह्मण अपना दामाद दलित को बनाएं, आरक्षण खत्म हो जाएगा। सामंती लोग आरक्षण विरोधी होते हैं।
सुशील कुमार चौधरी का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी से पूरे ब्राह्मण और राजपूत समाज को ‘सामंती’ और आरक्षण विरोधी बताकर अपमानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सामग्री से समाज में जातीय विद्वेष और वैमनस्यता फैलने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वे आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन किसी भी जाति या समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। शिकायत में अधिवक्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299, 302, 356(3), 61(2)(a) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

आवेदन दिखाते हुए सुशील चौधरी।
केस नहीं होने पर न्यायालय में परिवाद दायर करेंगे अधिवक्ता ने कहा कि वह भारत के नागरिक और अधिवक्ता होने के नाते ऐसी टिप्पणी से आहत हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि बहेड़ा थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है तो वे न्यायालय में परिवाद दायर करेंगे।
