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कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी प्लॉटिंग की कोशिश:किशनगंज में परिवार को जान से मारने की धमकी; एसपी से लगाई गुहार




किशनगंज के मौजा डूमरिया में करीब 4 बीघा 2 कट्ठा 17.5 धुर जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। थाना संख्या 111 और वार्ड संख्या 30 में स्थित इस जमीन पर कब्जे और जबरन प्लॉटिंग की कोशिश का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता त्रिवेणी राय का कहना है कि जमीन के स्वामित्व को लेकर मामला न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद जमीन कारोबारी और दलाल विवादित भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। 2004 से कोर्ट में चल रहा है स्वत्व विवाद जमीन के मालिकाना हक को लेकर सिविल जज (जूनियर डिवीजन-II), किशनगंज की अदालत में स्वत्व वाद संख्या 12/2004 चल रहा था। 19 दिसंबर 2025 को अदालत ने मूल वाद के साथ प्रतिवादी के प्रतिदावे को भी खारिज कर दिया था। फैसले के खिलाफ दाखिल हुई अपील निचली अदालत के फैसले से असंतुष्ट होकर अपीलार्थी त्रिवेणी राय और उनके परिवार की ओर से प्रधान जिला न्यायाधीश, किशनगंज की अदालत में स्वत्व अपील वाद संख्या 06/2026 दाखिल की गई है। अपीलार्थी पक्ष का आरोप है कि न्यायालय से समन मिलने के बावजूद प्रतिवादी जानबूझकर सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जमीन कारोबारियों से एग्रीमेंट का आरोप शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि प्रतिवादियों ने कुछ भू-माफियाओं और जमीन कारोबारियों के साथ विवादित जमीन का एग्रीमेंट कर लिया है। इसके बाद कारोबारी कथित तौर पर दबाव बनाकर जमीन की प्लॉटिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। रंगदारी और झूठे केस में फंसाने की धमकी पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जमीन कारोबारी मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दबाव बनाने का उद्देश्य स्वत्व अपील को वापस कराना है। पत्नी के अपहरण और हत्या की धमकी का आरोप परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि माहौल खराब करने और दबाव बनाने के लिए अपीलार्थी की पत्नी के अपहरण और हत्या तक की धमकी दी जा रही है। शिकायतकर्ता त्रिवेणी राय ने पुलिस अधीक्षक किशनगंज संतोष कुमार को आवेदन देकर विवादित जमीन पर जमीन कारोबारियों और दलालों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।



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