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नई दिल्ली4 घंटे पहले
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सत्य निकेतन में गिरी PG बिल्डिंग से सटी इमारत को MCD ने तोड़ना शुरू कर दिया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन के निर्देश दिए हैं। सीएम ने MCD को अवैध PG हॉस्टलों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे।
वहीं, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने PG बिल्डिंग के पास की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया है। इन इमारतों में गर्ल्स PG था। लड़कियां PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं। मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई और 7 अवैध ढांचों को सील किया जा चुका था।
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। मामले में बुधवार तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सत्य निकेतन के पास की बिल्डिंग पर कार्रवाई की 3 तस्वीरें…

6 सितंबर को गिरी बिल्डिंग के पास वाली इमारतों को तोड़ा जा रहा है।

अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को तोड़ा गया।

इलाके में कई गर्ल्स PG हैं। इनमें रह रहीं स्टूडेंट्स PG खाली करके जा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर
दिल्ली पुलिस ने PG हादसे में बुधवार को सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। वह बिल्डिंग में हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी।
इससे पहले बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार रात हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया।

आरोपी महेश, PG ऑपरेटर सुधांशु और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की दिक्कत दूर करने के लिए मरम्मत कराई जा रही थी।
बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।

हरिराम बंसल एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं।
ठेकेदार बोला- 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था
पूछताछ में ठेकेदार सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था। उसे 2800 रुपये रोज मिलते थे। काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल करने का था, जिसके लिए बेसमेंट में करीब 3 ट्रक मलबा भरा गया था।
ग्राउंड फ्लोर पर दुकान की जगह में एक दीवार रुकावट बन रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया गया। दीवार हटते ही कमजोर इमारत लोड नहीं झेल पाई और ढह गई।
गर्ल्स PG की दीवारों में दरारें, छात्राओं ने बनाया वीडियो
हॉस्टल डेज के पड़ोस में बने कनक लता गर्ल्स PG को भी आज गिराया जा रहा है। यह वही गर्ल्स हॉस्टल है, जिसमें रहने वाली छात्राओं ने अपने कमरों की दीवारों और छत में आई दरारों का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
यहां रहने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राओं अर्निका और मानसी ने हॉस्टल डेज की बिल्डिंग गिरने से कुछ मिनट पहले अपने कमरे का वीडियो बनाया था। वीडियो में दीवारों और छत पर दरारें दिखाई दे रही हैं। 20 साल की अर्निका वीडियो में कहती हैं, “लगता है गिरने वाली है।”

कनक लता गर्ल्स PG में रहने वाली लड़कियों का बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 10 सितंबर को सुनवाई
सत्य निकेतन PG हादसा मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने संकेत दिया कि वे इस मुद्दे को केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा करेंगे। अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
यह मुद्दा तब उठा, जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरे सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने 6 सितंबर को हुई सत्य निकेतन दुर्घटना का उल्लेख किया। सिन्हा अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी देशभर में अवैध इमारतों के खिलाफ दिशा-निर्देश जारी कर चुका है और अब उनके पालन की स्थिति की समीक्षा करना चाहता है। अदालत की टिप्पणी को भवन सुरक्षा के मुद्दे पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सत्य निकेतन से PG खाली कर रहे स्टूडेंट्स, 3 तस्वीरें…

सत्य निकेतन इलाका 1965-70 के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसाया गया था। 1970 के दशक में साउथ कैंपस शुरू होने के बाद यहां छात्रों की संख्या बढ़ी।

सत्य निकेतन में करीब 300 मकान हैं। इनमें लगभग 170 मकानों में PG चल रहे हैं। कई मूल आवंटी अपने मकान बेच चुके हैं।

अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट जगदीश ममगैन के मुताबिक, दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने लायक नहीं हैं। करीब 75 लाख घरों में सिर्फ 1.75 लाख के पास स्वीकृत बिल्डिंग लेआउट प्लान है।
MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है।
इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।

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