मनीष कुमार | गया4 घंटे पहले
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गया जिले के लुटुआ थाना क्षेत्र के नागोबार में सुरक्षा बलों को जमीन के नीचे दबा करीब 5 किलो का कमांड IED मिला। सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते ने इसे मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया।
सीआरपीएफ ने आशंका जताई है कि अज्ञात नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए इसे छिपाकर रखा था।
सीआरपीएफ के मुताबिक, 5 नवंबर को सूचना मिली थी कि नागोबार के सिंघवा स्थित लदुइया पहाड़ के आसपास आईईडी बनाने की सामग्री छिपाई गई है। इसके बाद सुबह 6 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

तलाशी के दौरान जमीन के नीचे मिला विस्फोटक
डी/215 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहिरिल के निर्देश पर अभियान चलाया गया। कंपनी कमांडर निरीक्षक/जीडी अमरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जवानों ने स्थानीय पुलिस के एक प्रतिनिधि के साथ तलाशी ली।
टीम ने नागोबार से सिंघवा और लदुइया पहाड़ के आसपास के दुर्गम इलाकों में खोजबीन की। इस दौरान एक संदिग्ध जगह पर जमीन के नीचे विस्फोटक होने का संकेत मिला। जांच और खुदाई के बाद कंटेनर के आकार का करीब 5 किलो का कमांड मैकेनिज्म IED बरामद हुआ। इसमें कॉर्डेक्स वायर लगा था।
सीआरपीएफ के अनुसार, आईईडी दोपहर करीब 1:15 बजे मिला। इसके बाद आसपास के इलाके को सुरक्षित कर अन्य संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई।

बम निरोधक दस्ते ने मौके पर किया निष्क्रिय
आईईडी मिलने के बाद 215 बटालियन के बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) ने मोर्चा संभाला। विशेषज्ञ जवानों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विस्फोटक को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। इस दौरान पूरे इलाके में सतर्कता बरती गई, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।
सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की आशंका
सीआरपीएफ की ओर से जारी विज्ञप्ति में आशंका जताई गई है कि अज्ञात नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों को जान-माल का नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आईईडी जमीन के नीचे छिपाया था। हालांकि, इसे किसने और कब लगाया था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
लुटुआ और आसपास के नक्सल प्रभावित पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। पुलिस और सीआरपीएफ इस मामले में नक्सलियों की संभावित संलिप्तता समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

