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सीतामढ़ी में बिहार के राज्यपाल सैयद अताहसनैन बुधवार को मां जानकी की प्राकट्यस्थली पुनौराधाम पहुंचे। यहां उन्होंने मां जानकी के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और आरती कर आशीर्वाद लिया। सीतामढ़ी पहुंचकर वास्तविक अनुभूति हुई मां सीता के दर्शन के बाद राज्यपाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इस पावन धरती पर पहुंचकर उन्हें जिंदगी की सबसे सुखद अनुभूति हुई है। राज्यपाल ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि 14 मार्च को बिहार के राज्यपाल के रूप में शपथ लेने से पहले 12 मार्च को जब वह एयरपोर्ट पहुंचे थे, तब उनका स्वागत करते हुए कहा गया था कि बिहार की पावन धरती पर आपका स्वागत है। असलियत देखने और महसूस करने का सौभाग्य मिला उस समय उन्होंने यह बात सुनी थी, लेकिन आज सीतामढ़ी की इस पवित्र भूमि पर पहुंचकर उन्हें इसकी वास्तविक अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक मां जानकी और इस पवित्र स्थल के बारे में सिर्फ सुना था, लेकिन आज यहां आकर इसकी असलियत देखने और महसूस करने का सौभाग्य मिला। मां सीता के दर्शन मात्र से ही बिहार की पावन धरती के बारे में कही गई बातों की वास्तविक अनुभूति हो गई। उन्होंने कहा, ‘मैंने मां जानकी के सामने दोनों हाथ जोड़कर आरती की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। जिंदगी की सबसे सुखद अनुभूति मुझे इस पावन भूमि पर मिली है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मां सीता के दर्शन और उनका आशीर्वाद लेने का अवसर मिला।’ मंदिर निर्माण कार्य का भी लिया जायजा मां जानकी के दर्शन के बाद राज्यपाल ने मंदिर निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण की प्रगति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का कार्य सही तरीके से और बेहतर ढंग से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले डेढ़ वर्षों में मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। राज्यपाल ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताया।
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राज्यपाल ने पुनौराधाम में मां जानकी के दर्शन किए:बोले- यहां मिली जिंदगी की सबसे सुखद अनुभूति, मंदिर निर्माण डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद
