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शिक्षा-विभाग में 60 लाख के फर्जी वेतन भुगतान का आरोप:मदरसा शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR; HRMS पोर्टल से 2024 से राशि हो रहा ट्रांसफर




मोतिहारी के शिक्षा विभाग में करीब 60 लाख रुपए के फर्जी वेतन भुगतान का मामला सामने आया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दो कर्मियों के खिलाफ नगर थाने में FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि विभागीय कार्यालय में लंबे समय से प्रतिनियुक्त एक मदरसा शिक्षक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने फर्जी वेतन भुगतान के जरिए सरकारी राशि निकाली। जिला शिक्षा पदाधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में करीब 60 लाख रुपए के गबन की बात सामने आई है। 2024 से हो रहा था फर्जी वेतन भुगतान FIR में मदरसा शिक्षक मो. बेताब और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन कुमार के नाम हैं। आरोप है कि HRMS पोर्टल के जरिए 2024 से फर्जी वेतन भुगतान किया जा रहा था। मो. बेताब पर खुद और अपनी पत्नी के नाम पर सरकारी राशि ट्रांसफर कराने का आरोप है। वहीं, अमन कुमार पर अपने और अपनी बहन के नाम पर राशि का कथित अवैध भुगतान कराने का आरोप लगाया गया है। दोनों डीपीओ स्थापना कार्यालय में लंबे समय से प्रतिनियुक्त थे। मामले की विस्तृत जांच और बैंक खातों व वेतन भुगतान के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि 2024 से HRMS पोर्टल के जरिए कथित फर्जी भुगतान होने की जानकारी अधिकारियों को समय पर क्यों नहीं मिली। वेतन भुगतान की समीक्षा और बजट की निगरानी के दौरान यह कथित गड़बड़ी क्यों नहीं पकड़ी गई, इसकी भी जांच होगी। कार्यालय की भूमिका पर उठे सवाल डीपीओ स्थापना कार्यालय की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी से जब पूछा गया कि इतने लंबे समय तक कथित फर्जीवाड़ा चलने के बावजूद डीपीओ स्थापना की भूमिका की जांच क्यों नहीं हुई। क्या उनकी संलिप्तता की आशंका की पड़ताल की जाएगी, तो उन्होंने इस सवाल पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। निचले स्तर के कर्मियों पर प्राथमिकी फिलहाल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। लेकिन केवल दो कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज होने से पूरे मामले के सभी पहलुओं का खुलासा होना बाकी है। जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि कथित रूप से राशि किन खातों में भेजी गई, भुगतान को किस स्तर पर स्वीकृति मिली और संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।



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