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भोजपुरी स्टार पवन सिंह, लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव और IPS अफसर भानु प्रताप सिंह अपनी पत्नी को रखना नहीं चाहते। तीनों तलाक चाहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी साथ रहना चाहती है। बिहार के हाई प्रोफाइल 3 तलाक केस का पूरा मामला क्या है, कोर्ट क्या कर सकता है, क्या बीच का रास्ता निकलेगा, समझेंगे, भास्कर एक्सप्लेनर में…। 1. पवन सिंह-ज्योति सिंह तलाक का मामला, गुजारे के लिए 10 करोड़ की मांग भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह अपनी पत्नी ज्योति सिंह से तलाक चाहते हैं। मामला कोर्ट में है। ज्योति से पहले पवन ने 1 दिसंबर 2014 को अपने बड़े भाई की साली नीलम सिंह से शादी की थी। नीलम ने मार्च 2015 में मुंबई के अंधेरी में आत्महत्या कर ली। इसके बाद पवन सिंह ने 6 मार्च 2018 को ज्योति सिंह से शादी की। 30 अक्टूबर 2021 को पवन ने ज्योति सिंह से तलाक की अर्जी कोर्ट में दी। बलिया के फैमिली कोर्ट में दोनों का मामला चल रहा है। पत्नी ज्योति सिंह ने कहा है कि वह साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पवन सिंह तलाक चाहते हैं। ज्योति ने गुजारा भत्ता के लिए 10 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की है। रहने के लिए एक घर मांगा है। कई तारीखों पर पवन सिंह के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर ज्योति ने नाराजगी जताई है। कोर्ट 3000 रुपए का जुर्माना भी लगा चुका है। 12 नवंबर 2026 को अगली सुनवाई होगी। पवन ने अपनी मां प्रतिमा देवी की खराब तबीयत के कारण बलिया फैमिली कोर्ट में पेश नहीं होने की बात कही। उनके वकील ने उनकी मां के मेडिकल कागजात कोर्ट में जमा कराए। ज्योति सिंह ने कहा है कि न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती हैं। पवन सिंह ने कोर्ट में कहा है कि शादी के बाद से ही उनके परिवार को लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। इसलिए वे ज्योति सिंह से अलग रहना चाहते हैं। दूसरी तरफ साथ रहने की इच्छा जताते हुए ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर उपेक्षा, धोखा और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। 2. तेजप्रताप-ऐश्वर्या राय तलाक मामला, शादी के 3 महीने बाद शुरू हुए झगड़े लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की शादी 12 मई 2018 को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय की पोती और पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद राय की बेटी ऐश्वर्या राय से हुई थी। 12 मई 2018 को तेजप्रताप ने कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। मामला फैमिली कोर्ट में चल रहा है। अगली तारीख 18 नवंबर 2026 है। कोर्ट ने कई कोशिश की कि दोनों में आपसी सुलह हो जाए और परिवार टूटने से बच जाए, लेकिन तेजप्रताप अड़े हुए हैं कि उन्हें तलाक चाहिए। दूसरी तरफ ऐश्वर्या साथ रहना चाहती हैं। अनुष्का यादव की इंट्री से उलझा मामला अनुष्का यादव की इंट्री से यह मामला उलझ गया है। तेजप्रताप और अनुष्का के साथ वाले फोटो-वीडियो वायरल हुए थे। अनुष्का मां बनी तो खबर आई कि तेजप्रताप को बेटी हुई है। हालांकि तेजप्रताप ने इससे इंकार किया कि वह पापा बने हैं। कभी वे कहते दिखे कि अनुष्का को वर्षों से जानते हैं तो कभी कहा कि अनुष्का के भाई आकाश ने फोटो-वीडियो वायरल कर दिया। मामला सामने आने के बाद लालू ने तेजप्रताप को 6 साल के लिए राजद से बाहर कर दिया। तेजप्रताप ने अपनी पार्टी बनाई, विधानसभा चुनाव 2025 लड़े, लेकिन हार गए। हाल में नवरात्रि के दौरान दांडिया के एक आयोजन में अनुष्का अपने भाई आकाश और बेटी उज्जैनी के साथ नजर आईं। उन्होंने तेजप्रताप मामले पर अपनी राय भी रखी। कहा कि वे तेजप्रताप की बातों पर ध्यान नहीं देती हैं। उनका पूरा ध्यान अपनी बेटी उज्जैनी पर है। अनुष्का ने कहा, ‘मैं तेजप्रताप यादव के लिए लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हूं।’ तेजप्रताप ने रियलिटी शो में ऐश्वर्या के बारे में कई बातें कहीं तेजप्रताप ने हाल ही में एक रियलिटी शो में पत्नी ऐश्वर्या के बारे में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि उनकी शादी पारिवारिक दबाव के चलते हुई थी। शादी के महज 3 महीने बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थे। एक शाम वह विधानसभा से लौटे तो उन्होंने ऐश्वर्या को बेडरूम में अपने किसी पुराने बॉयफ्रेंड से चैट करते हुए देखा, जिसमें लव यू और हार्ट इमोजी जैसे संदेश भेजे जा रहे थे। तेजप्रताप ने कहा, ‘हमदोनों की सोच और जीवनशैली बिल्कुल अलग थी। ऐश्वर्या को मेरा पूजा-पाठ करना पसंद नहीं था। वह देर रात घर लौटती थी। कलह की वजह से घर जाने का मन नहीं करता था। अपने दोस्तों के यहां रुक जाता था।’ ‘ऐश्वर्या मेरी मां राबड़ी देवी के साथ भी झगड़ा करती थी। वह जब हम सभी से झगड़ा करती थी तब मैंने कुछ वीडियो बना लिए, जिसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया।’ तेजप्रताप और ऐश्वर्या के मामले में तेजप्रताप के बयान आते रहे हैं, जबकि ऐश्वर्या ने मीडिया से या सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर कम बातें की हैं। 3. आईपीएस भानु प्रताप सिंह-पूजा कुमारी तलाक मामला, किया था लव मैरिज 2021 बैच के आईपीएस अफसर भानु प्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। 2015 में कोलकाता में हुए एक पारिवारिक समारोह में भानु प्रताप और पूजा कुमारी की मुलाकात हुई। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार का विरोध हुआ। इस सब के बावजूद दोनों ने 16 जनवरी 2016 को विवाह किया। पूजा ब्राह्मण और भानु जाट परिवार से हैं। पूजा ने 5 साल तक भरतपुर के निजी स्कूल में पढ़ाया। 2020 में दोनों को बेटी हुई। बेटी भानु के पास है। भानु प्रताप का परिवार भरतपुर में रहता है। पूजा भरतपुर स्थित ससुराल पहुंची, लेकिन उन्हें घर में घुसने नहीं दिया गया। पूजा की मानें तो भानू प्रताप ने उन्हें तलाक का नोटिस भेजा है। पूजा ने अक्टूबर 2026 को बिहार की डीजीपी से मुलाकात की और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने पति के साथ रहने की इच्छा जताई और कहा कि मुझे मेरी बेटी से मिलाया जाए। पूजा का आरोप है कि पति उन पर तलाक का दबाव बना रहे हैं। उनकी छह साल की बेटी है। उन्हें बेटी से दूर रखा गया है। पूजा का कहना है कि वह डाइवोर्स नहीं चाहती हैं। अपने पति और बेटी के साथ रहना चाहती है। वह कंकड़बाग में अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर के आवास पर रह रही हैं। पूजा एंजाइटी की मरीज हैं, पटना में उनका इलाज चल रहा है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री से गुहार, मिलने का समय मांगा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी को लिखे पत्र में पूजा ने कहा है कि ‘मेरे पति आईपीएस भानु प्रताप सिंह से बातचीत कर हम दोनों की समस्या का निदान किया जाए व मिलने का समय दिया जाए।’ कोर्ट का चक्कर पड़ा तो हो सकता है पूजा जान दे दे: धनवंत सिंह राठौर भास्कर ने अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर से बात की। उन्होंने कहा, ‘अभी मामला सुलझा नहीं है। डीजीपी प्रीता वर्मा से हमलोगों की बातचीत हुई है। उन्होंने कहा था कि चार-पांच दिन में जब भानु प्रताप आएंगे तो बैठक कर मामले को सुलझा लेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘तीन दिन पहले छुट्टी से लौटने के बाद भानु प्रताप ने पूजा को चाभी लेने के लिए फोन किया था। मेरी पत्नी और बेटी पूजा के साथ गए, लेकिन भानु प्रताप निकल गए। वे पूजा से नहीं मिलना चाहते हैं। भानु प्रताप के आचरण पर कोई सवाल नहीं है। तलाक की नोटिस पूजा के पास नहीं आई है।’ कूरियर वाले ने नोटिस का एनवेलप फाड़कर चार पेज भेजा है, जबकि उसमें 70 पेज है। पूरे कागजात मिलेंगे तो जवाब दिया जा सकता है। कोर्ट का चक्कर पड़ा तो हो सकता है पूजा अपनी जान दे दे। पूजा को सिर्फ अपना पति और बच्ची चाहिए।- धनवंत सिंह राठौर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय अपराध विरोधी मोर्चा तलाक के इन तीन हाई प्रोफाइल केस में आगे क्या होगा? पटना हाईकोर्ट के सीनियर वकील सर्वदेव सिंह ने बताया कि तेजप्रताप और पवन सिंह के मामले पुराने हैं। तेजप्रताप के केस में तो तारीख पर तारीख मिल रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कोर्ट से फैसला आए। आईपीएस भानु प्रताप का मामला नया है। इसमें कोर्ट से पहले पति-पत्नी को अपने विवाद सुलझाने का मौका मिलेगा। इसके बाद भी बात नहीं बनती है तो तलाक की वजह सही है या नहीं, कोर्ट को यह फैसला करना होगा। तलाक के मामले में क्या है कोर्ट के फैसले की प्रक्रिया? वकील सर्वदेव सिंह ने बताया, ‘तेजप्रताप यादव, पवन सिंह और आईपीएस भानु प्रताप, तीनों के मामले में कोर्ट को यह तय करना है कि तलाक की अर्जी देने की वजह क्या सही है।’ ‘अगर कोर्ट पाता है कि सही वजह से तलाक की अर्जी लगाई गई है तो पहले 6 महीने या 1 साल का समय दिया जाता है। इसे कूलिंग पीरियड कहते हैं। इसका मकसद है कि किसी तरह मामले का हल हो जाए।’ ‘इसपर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का भी जजमेंट है कि पति-पत्नी को अपने विवाद सुलझाने का एक मौका मिले। वे फिर से सुखी जीवन जी सकें। अगर पति-पत्नी के साथ रहने की कोई उम्मीद न बचे तो कोर्ट से तलाक की मंजूरी मिलती है।’ ‘कोर्ट को पति द्वारा बताए गए तलाक लेने की वजह को सही या गलत तय करना होता है। इसके लिए मुकदमा लंबित रहता है, ट्रायल होता है, गवाही होती है।’ ‘कोर्ट को यह तय करना होता है कि पति कहीं पत्नी की गलती नहीं होने पर भी तलाक तो नहीं लेना चाहता। शादी तोड़ने के पीछे उसकी गलत मंशा तो नहीं है। अगर यह साबित हो जाए कि पति ने गलत मंशा से तलाक की अर्जी लगाई है तो उसकी अर्जी खारिज कर दी जाती है।’ ‘अगर कोर्ट से पति को तलाक की अनुमति मिल जाए और पत्नी किसी और से शादी नहीं करती है तो उसे अपना सुखी जीवन जीने के लिए उसके हैसियत के अनुसार पैसे चाहिए।’
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पवन सिंह, तेजप्रताप, भानु प्रताप चाहते हैं तलाक:पत्नी छोड़ना नहीं चाहती, जानिए 3 हाई प्रोफाइल तलाक केस में आगे क्या होगा
