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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; We Should Not Chase Comforts; Our Company Influences Our Thoughts, So Always Remember These 5 Things
हरिद्वार59 मिनट पहले
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संगति का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। हम जिन लोगों के साथ रहते हैं, उनके विचारों, संस्कारों और व्यवहारों का प्रभाव हमारी बुद्धि, वाणी और आचरण पर होता है। इसलिए अपनी संगति का समय-समय पर मूल्यांकन करते रहना चाहिए। संगति से जुड़ी 5 बातें हमेशा ध्यान रखनी चाहिए…
1. संगति हमारे विचारों को प्रभावित करती है- हम जिनके साथ ज्यादा समय बिताते हैं, धीरे-धीरे उनके विचारों और दृष्टिकोण से प्रभावित होने लगते हैं। अच्छी संगति हमारे विचारों में सकारात्मकता बढ़ाती है।
2. आसपास का वातावरण मन की स्थिति निर्धारित करता है- हमारे परिजन, मित्र और आसपास का वातावरण हमारे मन को शांत या अशांत कर सकता है। इसलिए ऐसा वातावरण चुनें, जो शांति और प्रसन्नता बनाए रखता है।
3. कुसंग से सावधान रहें- हमें यह देखना चाहिए कि कहीं हमारी संगति हमें निराशा, ईर्ष्या या दूसरों की निंदा करने की प्रवृत्ति की ओर तो नहीं ले जा रही है। ऐसी प्रवृत्ति वाले लोगों से दूर रहना चाहिए।
4. व्यर्थ की चर्चाओं से बचें- निरर्थक बहस, आलोचना और निंदा करने से बचना चाहिए। इसके स्थान पर ज्ञानवर्धक और सकारात्मक बातों को प्राथमिकता दें।
5. स्वयं भी अच्छी संगति बनें- केवल अच्छी संगति खोजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें खुद भी ऐसा व्यक्तित्व विकसित करना चाहिए, जिसके संपर्क में आकर दूसरों को प्रेरणा, शांति और सद्भाव मिल सकता है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।

