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सुपौल जिला मुख्यालय में शनिवार को प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। सुपौल-सहरसा मार्ग पर टेम्पो स्टैंड के पूर्वी भाग स्थित शिव हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर में प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने शव के साथ सुपौल-सिंहेश्वर मार्ग को करीब चार घंटे तक जाम रखा। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर करीब दो बजे जाम हटाया गया। मामले में पुलिस ने आवेदन लेकर आगे की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। मृतका की पहचान सदर थाना क्षेत्र के करिहो गांव के वार्ड नंबर 7 निवासी राजा कुमार की पत्नी चांदनी कुमारी के रूप में हुई है। उनके पिता मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के कमलपुर निवासी ललन साह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे बेटी को प्रसव के लिए क्लीनिक लाया गया था। यहां सामान्य प्रसव हुआ और सुबह करीब 6 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। नवजात सुरक्षित है। ललन साह के अनुसार, प्रसव के बाद डॉक्टरों ने चांदनी में खून की कमी बताई। इसके बाद संबंधियों को बुलाकर दो यूनिट खून चढ़ाया गया। इसी दौरान हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए लाइफ लाइन ट्रामा सेंटर ले जाने को कहा गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया और महिला की मौत हो गई। मृतका को पहले से तीन बेटियां हैं। क्लीनिक से मरीजों को अस्पताल भेजा, फिर किया सील घटना के बाद क्लीनिक के डॉक्टर और कर्मी वहां से चले गए। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर डॉ. रमेश कुमार और डॉ. संतोष कुमार के नाम दर्ज थे। स्थिति बिगड़ने पर क्लीनिक में भर्ती छह अन्य मरीजों को एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया। इसके बाद प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर दिया।
सड़क जाम की सूचना पर डीएसपी राजीव रंजन, थानाध्यक्ष रामसेवक रावत, बीडीओ निशांत कुमार, डीसीएलआर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। सदर एसडीपीओ ने बताया कि परिजनों ने आवेदन दिया है। शिकायत की जांच कर केस दर्ज करने और आगे की कार्रवाई की जाएगी। जाम के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा।
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