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अब आचार संहिता का पेच:लीज प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने पर 1 माह तक फैसला नहीं लिया




नगर निगम ने 9 इलाकों की 432 एकड़ की लीज प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने का भेजा था प्रस्ताव राजधानी के राजेंद्रनगर, श्रीकृष्णापुरी, कंकड़बाग और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे प्रमुख पॉश इलाकों में करीब 60 साल पहले 99 साल की लीज पर दी गई संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने का मामला फिलहाल अधर में लटक गया है। पटना नगर निगम ने करीब एक महीने पहले नगर विकास एवं आवास विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वर्तमान में एमएलसी चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के कारण 31 अक्टूबर के बाद ही इस पर कोई ठोस निर्णय होने की उम्मीद है। यह पूरी संपत्ति तत्कालीन पटना सुधार न्यास और बाद में पटना क्षेत्रीय विकास प्राधिकार द्वारा आवंटित की गई थी, जो अब पटना नगर निगम के अधीन है। करीब 432 एकड़ में फैली इन संपत्तियों में आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड, फ्लैट, दुकानें और मकान शामिल हैं। लीज पर होने के कारण आवंटियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुल्क को लेकर भी विभाग में मंथन
लीज पर दी गई प्रॉपर्टी के हस्तांतरण या म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) शुल्क को लेकर चर्चा होगी। मूल आवंटी को वर्तमान सर्किल रेट (एमवीआर) का 10% और द्वितीय आवंटी को 12% शुल्क देकर मालिकाना हक देने की बात कही गई है। बताया गया है कि शुल्क निर्धारण को लेकर भी विभागीय स्तर पर अभी मंथन चल रहा है। इसी चक्कर में अभी यह मामला टल रहा है। नगर निगम बोर्ड से पास होने के बाद इस प्रस्ताव को राज्य सरकार और कैबिनेट तक ले जाना होगा। इसके बाद ही लीज धारकों को उनकी संपत्ति का असली मालिकाना हक मिल जाएगा। फ्री होल्ड होने से पटना के प्रमुख आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में दशकों से लीज की जमीनों पर रह रहे लोगों बड़ी राहत मिलेगी। आवास बोर्ड और बियाडा की तर्ज पर फ्री होल्ड का प्रस्ताव
नगर निगम ने विभाग को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें बिहार राज्य आवास बोर्ड और बियाडा की तर्ज पर फ्री होल्ड करने की बात कही गई है। अब विभाग या सरकार के स्तर पर ही इस बारे में फैसला लेना है। लीज की प्रॉपर्टी को फ्री-होल्ड करने से निगम प्रशासन को कम से कम 150-200 करोड़ की राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। इन इलाकों में लीज प्रॉपर्टी
राजेंद्रनगर योजना संख्या-1 : 198 एकड़ (99 वर्ष की लीज पर प्राप्त)
श्रीकृष्णापुरी आवासीय कॉलोनी : 64 एकड़ (अर्जित भूमि)
मीठापुर (अंतरराज्यीय बस अड्डा हेतु) : 59.69 एकड़
जकरियापुर (परिवहन विभाग द्वारा हस्तांतरित) : 38.94 एकड़
मौजा-दुजरा (बुद्ध कॉलोनी) : 27.70 एकड़
मौजा-चितकोहरा, साईंचक, बेउर और हरनीचक : 18.03 एकड़
दीघा (गंगा नदी के किनारे) : 13 एकड़
मौर्यालोक व्यावसायिक परिसर : 7.21 एकड़
कंकड़बाग (पीआईटी कॉलोनी) : 5.50 एकड़

फ्री होल्ड होने वाली संपत्तियों का पूरा विवरण
कुल संपत्तियां 1367
भूखंड : 806
भवन : 841
फ्लैट : 575
दुकान-कियोस्क 37
अतिथिशाला 01
कार्यालय – 04



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