Headlines

औरंगाबाद में FR रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी:दो दिन में सिर्फ 95 किसानों की रजिस्ट्री, हसपुरा ब्लॉक सबसे पीछे




औरंगाबाद जिले में फार्मर रजिस्ट्री (FR) का कार्य लगातार जारी है। अब तक जिले के 11 प्रखंडों में कुल 1 लाख 29 हजार 431 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। हालांकि, रफ्तार पहले की तुलना में धीमी हो गई है। पिछले दो दिनों में जिलेभर में महज 95 किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। कृषि विभाग के अनुसार, जिन किसानों की जमीन की जमाबंदी उनके अपने नाम दर्ज है, उनमें लगभग सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराई जा चुकी है। अब रजिस्ट्रेशन के लिए बचे किसानों में बड़ी संख्या ऐसे किसानों की है, जिनकी जमीन अभी भी उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है। ऐसे किसानों के लिए पहले जमीन की जमाबंदी अपने नाम कराना जरूरी हो रहा है। जमाबंदी हस्तांतरण और रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित किसान की फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। यही वजह है कि अब FR रजिस्ट्रेशन की गति धीमी दिखाई दे रही है। औरंगाबाद प्रखंड सबसे आगे, हसपुरा सबसे पीछे कुल फार्मर रजिस्ट्री के मामले में औरंगाबाद प्रखंड 16,244 किसानों के पंजीकरण के साथ सबसे आगे है। इसके बाद रफीगंज में 15,565, नबीनगर में 15,018, कुटुंबा में 12,691, दाउदनगर में 10,943, बारुण में 10,734, ओबरा में 10,623, गोह में 10,520 और मदनपुर में 10,040 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। वहीं, देव प्रखंड में 8,507 और हसपुरा में 8,437 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हुई है। विभाग अब उन किसानों पर विशेष ध्यान दे रहा है, जिनके जमीन संबंधी रिकॉर्ड में नामांतरण या जमाबंदी सुधार की जरूरत है। पिछले दो दिनों में हुए 95 रजिस्ट्रेशन में औरंगाबाद में सबसे अधिक 18 किसानों का पंजीकरण हुआ। ओबरा में 13, रफीगंज और कुटुंबा में नौ-नौ, देव में नौ, मदनपुर और बारुण में आठ-आठ, नबीनगर में सात, गोह में छह, हसपुरा में पांच तथा दाउदनगर में तीन किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ। जमाबंदी अपने नाम कराने के बाद होगी रजिस्ट्री फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में किसानों के लिए अपनी जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त कराना और जमाबंदी अपने नाम कराना जरूरी हो गया है। पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज होने के कारण कई किसान फिलहाल फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। उन्हें पहले जमीन के रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। इसके बाद ही उनका FR पंजीकरण किया जा रहा है। किसानों को दी जा रही जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का काम लगातार जारी है। जिन किसानों की जमीन उनके अपने नाम दर्ज है, उनमें अधिकांश का रजिस्ट्रेशन पूरा कराया जा चुका है। अब वैसे किसानों की रजिस्ट्री की जा रही है, जिनकी जमीन पूर्वजों के नाम दर्ज है और वे उसे अपने नाम हस्तांतरित करा रहे हैं। जमाबंदी अपने नाम होने के बाद उनका फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है। विभागीय कर्मियों द्वारा किसानों को प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *