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बक्सर के 21 शहीदों के गांवों में बनेंगे शहीद द्वार:CSR फंड से होगा निर्माण; नित्यानंद राय ने परिवारों को जमीन देने का भी ऐलान किया




केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बक्सर के 21 शहीदों के गांवों में शहीद द्वार बनाने की घोषणा की है। मंगलवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इन द्वारों का निर्माण सीएसआर फंड से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य आजादी के आंदोलन में शहीद हुए वीरों की शहादत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। शहीद भवन भी बनाने का ऐलान नित्यानंद राय ने कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बक्सर के वीरों का बलिदान अमूल्य है। गांवों में बनने वाले शहीद द्वार युवाओं को उनके बलिदान और देशभक्ति की कहानी बताएंगे। उन्होंने बक्सर में शहीद भवन बनाने की भी घोषणा की। यह भवन एमएलसी जीवन कुमार के फंड से बनाया जाएगा। इसमें जिले के शहीदों से जुड़ी यादों को सहेजकर रखा जाएगा। मंत्री ने शहीद परिवारों को घर बनाने के लिए सरकारी जमीन देने की भी बात कही। सुनील सिंह के स्मारक पर समयसीमा नहीं बता पाए ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए हवलदार सुनील सिंह के स्मारक को लेकर मंत्री कोई तय समयसीमा नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल 1942 के शहीदों पर काम होगा और सुनील सिंह के नाम पर भी गेट बनाया जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ में उपलब्धियां गिनाईं नित्यानंद राय ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बक्सर पहुंचे थे। कार्यक्रम की शुरुआत एमपी हाई स्कूल में हुई, जहां चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता के चयनित और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद बक्सर सदर स्थित अतिथि गृह में उन्होंने प्रेस वार्ता की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व और सुशासन की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश चहुंमुखी विकास की ओर बढ़ रहा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। डुमरांव से बक्सर तक कार्यकर्ताओं में उत्साह केंद्रीय मंत्री के आगमन को लेकर डुमरांव से बक्सर तक भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखा। बक्सर गोलंबर पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गाजे-बाजे और नारों के साथ नित्यानंद राय का स्वागत किया। बक्सर के 21 शहीदों के गांवों में बनने वाले शहीद द्वार अब उनके बलिदान की पहचान बनेंगे और आने वाली पीढ़ियों को आजादी के आंदोलन में उनके योगदान की याद दिलाएंगे।



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