Headlines

DMCH इमरजेंसी में डॉक्टरों की हड़ताल:13 घंटे से काउंटर बंद, मरीजों का नहीं हो रहा इलाज; परिजन से विवाद के बाद तनाव




डीएमसीएच में बुधवार की रात मरीज के परिजन और ड्यूटी पर तैनात पीजी डॉक्टरों के बीच विवाद हुआ था। गुरुवार को भी अस्पताल में तनाव रहा। डॉक्टरों ने इमरजेंसी में स्ट्राइक कर दी। इसके बाद इमरजेंसी का काउंटर बंद कर दिया गया। करीब 13 घंटे तक काउंटर बंद रहने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज अस्पताल परिसर में इलाज शुरू होने का इंतजार करते रहे। घटना की सूचना मिलने पर डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्र, उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा और डॉ. कमरुद्दीन इमरजेंसी पहुंचे। वहीं, स्थिति को देखते हुए बेंता थानाध्यक्ष विनय मिश्रा पुलिस टीम के साथ इमरजेंसी स्थित मेडिसिन क्रिटिकल केयर यूनिट पहुंचे। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने संबंधित महिला परिजन को समझाने का प्रयास किया। बाद में सुरक्षा की दृष्टि से महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उन्हें रखा गया। ‘मैंने किसी को गाली नहीं दी, मुझे पागल कहा’ विवाद में शामिल मरीज शीला देवी की महिला परिजन रेणु देवी ने डॉक्टरों के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि मैं मधुबनी जिला के पंडौल थाना क्षेत्र के मेघौल गांव से इलाज कराने आई थी। रात में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि पर्ची मेरी नहीं है। इस पर मैंने पर्ची के संबंध में अपनी बात रखी। महिला के अनुसार, इसी दौरान एक महिला डॉक्टर ने उन्हें ‘पागल’ कहा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। महिला कहती हैं कि मैंने किसी को न गाली दी और न ही किसी पर हाथ उठाया। महिला ने आरोप लगाया कि बाद में बड़ी संख्या में डॉक्टर वहां पहुंचे और उन्हें धमकाया गया। मेरे साथ कोई पुरुष भी नहीं था। सुबह से इलाज के इंतजार में बैठे रहे मरीज
समस्तीपुर से अपने भाई का इलाज कराने पहुंचे विजेंद्र कुमार ने बताया कि वह सुबह करीब 9 बजे डीएमसीएच पहुंचे थे। भाई को गिल्टी है और ऑपरेशन के लिए डॉक्टर को दिखाना था। अस्पताल पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली। पहली बार डीएमसीएच आए हैं और अब इलाज नहीं होने की स्थिति में वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ेगा। मो. हामिद ने बताया कि चार दिन पहले इमरजेंसी में इलाज कराने आए थे। उस समय एक सप्ताह बाद जांच के लिए बुलाया गया था। गुरुवार को जांच कराने पहुंचे तो पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि एक मरीज के परिजन से विवाद का खामियाजा सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। आने-जाने में काफी खर्च होता है
समस्तीपुर से पत्नी शीला देवी का इलाज कराने पहुंचे महेंद्र ठाकुर ने कहा कि पत्नी का डीएमसीएच में इलाज चल रहा है। गुरुवार को अस्पताल पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी मिली। हम गरीब परिवार से हैं और आने-जाने में काफी खर्च होता है, इसलिए अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों का इलाज प्रभावित होना उचित नहीं
महिला समाजसेवी प्रियंका झा भी इमरजेंसी बंद होने की सूचना पर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों के साथ गलत व्यवहार हुआ है तो उसका विरोध होना चाहिए, लेकिन एक मरीज के परिजन से विवाद के कारण सैकड़ों मरीजों का इलाज प्रभावित होना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि सिंहवाड़ा सीएचसी से रेफर होकर एक गंभीर मरीज डीएमसीएच आया था, लेकिन इमरजेंसी में इलाज प्रभावित होने से परेशानी बढ़ गई। वहीं, वीरपुर से करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय कर बच्चे का इलाज कराने पहुंचे अर्जुन कुमार ने कहा कि डीएमसीएच में बेहतर इलाज की उम्मीद में इतनी दूर से आए हैं। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की हड़ताल पर होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल होनी थी तो इसकी सूचना दी जाती, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीज परेशानी से बच सकें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *